काश! बाकी डीएम भी ऐसा करते

नोएडा के डीएम ने पेश की अनोखी मिसाल, 200 सरकारी स्कूलों को मॉडल स्कूल बनाने का उठाया बीड़ा

नोएडा के डीएम एनपी सिंह ने खुद स्कूल में जाकर बच्चों को पढ़ाना किया शुरू

स्वयं सेवी संस्थाओं और निजी कंB1पनियों के सहयोग से 200 स्कूलों की हालत सुधारने का लक्ष्य, 125 स्कूलों में
काम शुरू

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। नोएडा के जिलाधिकारी एनपी सिंह ने जो मिसाल कायम की है, अगर प्रदेश के बाकी डीएम भी ऐसा करने लगे तो पूरे प्रदेश की तस्वीर ही बदल जाएगी। सरकारी स्कूलों की खराब हालत के बीच श्री सिंह ने इन स्कूलों को ठीक करने का बीड़ा उठाया और वह भी बिना सरकारी मदद के। उन्होंने निजी कंपनियों और स्वयं सेवी संस्थाओं को बुलाकर 200 स्कूलों को ठीक कराने का लक्ष्य रखा। अप्रैल से शुरू हुए इस काम के चलते 32 स्कूल पूरी तरह से मार्डन हो चुके हैं और दिसंबर तक 125 और मार्च तक 200 स्कूलों को मार्डन बनाने का लक्ष्य रख गया है। इसके पीछे उद्देश्य है कि सरकारी स्कूलों को इतना मार्डन बना दिया जाए ताकि यहां के अभिभावकों को इस बात पर फ्रख हो कि उनका बच्चा एक बेहतर स्कूल में पढ़ता है।
इसके लिए डीएम ने सभी निजी कंपनियों को स्कूल बांट दिए हैं। कंपनियां इन स्कूलों में सोलर पावर बैकअप वाले दो कम्प्यूटर लगवा रही हैं। सरकार यूनिफार्म तो देती है, मगर बच्चों को स्वेटर और जूते नहीं मिलते। अब इन स्कूलों में स्वेटर और जूते भी बच्चों को मिलने लगे हैं। इसी तरह बच्चों को किताबें तो मिल जाती हैं, मगर जेमेट्री बाक्स और स्कूल के बैग नहीं मिलते। अब ये दोनों चीजें इन स्कूल में मिल रही हैं, जिससे कि बच्चों में खुशी का ठिकाना नहीं है।
इसी प्रकार डीएम ने यह भी देखा कि स्कूलों में शौचालय की हालत बहुत खराब है। अब इन स्कूलों में मार्डन शौचालय बन रहे हैं और जहां एक शौचालय है वहां लड़कियों का अलग से शौचालय बन रहा है। इसके अलावा सभी स्कूलों का रंग रोगन मार्डन तरीके से कराया जा रहा है, जिससे यह स्कूल किसी भी कीमत पर कॉन्वेंट स्कूल से कम दिखाई न दें।
इन स्कूलों से व्यक्तिगत लगाव महसूस करके डीएम खुद हफ्ते में एक दिन स्कूल में पढ़ाने जाते हैं और कभी क्लास की पिछली बेंच पर बैठकर देखते हैं कि टीचर कैसे पढ़ा रही हैं। सभी स्कूलों में अंग्रेजी की भी किताबे बांटी जा रही हैं, जिससे यह संदेश जाए कि इन स्कूलों में इंगलिश की पढ़ाई हो रही है।
डीएम ने 170 टीचरों की काउसिलिंग कराकर उनसे कहा कि आप लोग इतने पढ़े लिखे हैं। थोडी कोशिश करें तो यहां के सरकारी स्कूल किसी भी कॉन्वेंट से बेहतर हो जाएं। डीएम की इस अपील का नोएडा में असर भी दिख रहा है और अब यहां के सरकारी स्कूल कॉन्वेंट को टक्कर देते नजर आ रहे हैं।

आगरा पुलिस ने ली लाखों रुपए की रिश्वत और

मारुति कंपनी को संरक्षित इलाके में अवैध ढंग से बनाने दिया जा रहा है अपना शोरूम

करोड़ों की संरक्षित जमीन पर बना रही है मारुति कंपनी अपना शोरूम, नियमानुसार नहीं हो सकता यहां निर्माण
50 लाख रुपए की रिश्वत लेकर आगरा की थाना नाई की मंडी
पुलिस ने पुरातत्व विभाग का खत कूड़े में डाला

लखनऊ। आगरा देश की शान है। दुनिया भर के पर्यटक यहां आते हैं और यहां ताज के अलावा बाकी कई ऐतिहासिक चीजें देखते हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आगरा के सर्वांगीण विकास के लिए तत्पर रहते हैं और यहां के विकास के लिए सैकड़ों करोड़ रुपए मंजूर किए। आगरा के इसी महत्व को देखते हुए यहां की कई इमारतें संरक्षित की गईं जिनके आसपास निर्माण नहीं किया जा सकता। मगर इन नियमों को ताक पर रखकर मारुति कंपनी ओल्ड सिटी वॉल के निकट धड़ल्ले से अपना शोरूम बनवा रही है। लगभग 20 करोड़ की इस जमीन पर अपनी बिल्डिंग बनवाने के लिए हर प्रकार के अवैध काम किए जा रहे हैं।
पुरातत्व विभाग ने 5 अगस्त को थाना प्रभारी नाई की मंडी को पत्र लिखकर कहा था कि ओल्ड सिटी वॉल भारतीय पुरातत्व विभाग का संरक्षित स्मारक है। इसे राष्टï्रीय महत्व का घोषित किया गया है। इस इमारत के सौ मीटर तक और इससे आगे दो सौ मीटर तक का क्षेत्र खनन एवं निर्माण कार्य के लिए विनियमित क्षेत्र घोषित किया गया है। इस निर्माण के लिए अनुमति सिर्फ मंडलायुक्त आगरा से ही ली जा सकती है। इस खत में लिखा है श्री मुमताज अली ने इस संरक्षित इमारत के निकट अपना निर्माण शुरू कर दिया है। इसको रोकने के लिए एफआईआर दर्ज करके निर्माण कार्य रोका जाए, होना यह चाहिए था कि आगरा की संरक्षित इमारतें जितना महत्व रखती हैं उस दृष्टिï से तत्काल इस निर्माण पर रोक लगाई जाती। अगर भ्रष्टïाचार मुक्ति मोर्चा के मुख्यमंत्री को इस संबंध में लिखे खत को सही माना जाए तो इस अवैध निर्माण को होते रहने के लिए नाई की मंडी पुलिस ने 50 लाख रुपए रिश्वत ली और दो करोड़ की धनराशि इसकी अनुमति लेने के लिए अलग से रख दी गई है, जिससे यह अवैध इमारत खड़ी हो सके।
इस संबंध में मारुति के वाइस प्रेसीडेंट पार्थो बनर्जी ने कहा कि आगरा का डीलर ही जानकारी दे सकता है। उन्हें इस विषय में कुछ नहीं पता। इसी संबंध में जिलाधिकारी पंकज यादव से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मामले को पता कर बताते हैं। 15 मिनट बाद उन्होंने कहा कि उन्होंने निर्देशित कर दिया है कि बिना अनुमति के कोई भी निर्माण कार्य नहीं होगा।

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