काला धन

इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस केन्द्र सरकार को घेरने की कोशिश में लगी हुई है। यदि कांग्रेस इस मुद्दे पर सरकार को घेर रही है तो गलत भी नहीं है। लोकसभा चुनाव के दौरान रामदेव जैसे कुछ मोदी समर्थकों ने तो यह भी दावा किया था कि नई सरकार बनने के 100 दिनों के अंदर ही काला धन विदेशों से आ जाएगा।

sanjay sharma editor5लोकसभा चुनाव में प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘काला धन’ वापस लाने की पुरजोर वकालत की थी। उन्होंने जोर देते हुए कहा था कि केन्द्र में एनडीए की सरकार बनेगी तो सबसे पहले काला धन वापस लाया जाएगा। केन्द्र में मोदी सरकार बनने के बाद काला धन लाने के लिए सरकार ने संसद में काला धन करारोपण काननू 2015 भी पारित कराया, कई तरह के लोक-लुभावनी योजनाएं भी लायी गई पर परिणाम सिफर रहा। अभी काला धन लाने की बात चल ही रही थी कि एक खुलासा हुआ कि दिल्ली की बैंक ऑफ बड़ौदा से लगभग 6 हजार करोड़ रुपए का काला धन हांगकांग भेजा गया है। सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय ने पिछले सप्ताह इस मामले की जांच शुरू की है। आरोप है कि 6,172 करोड़ रुपये की राशि बैंक आफ बड़ौदा से हांगकांग भेजी गई। यह राशि काजू, दलहन और चावल निर्यात के रूप में भेजी गई, जबकि वास्तव में निर्यात हुआ ही नहीं।
इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस केन्द्र सरकार को घेरने की कोशिश में लगी हुई है। यदि कांग्रेस इस मुद्दे पर सरकार को घेर रही है तो गलत भी नहीं है। लोकसभा चुनाव के दौरान रामदेव जैसे कुछ मोदी समर्थकों ने तो यह भी दावा किया था कि नई सरकार बनने के 100 दिनों के अंदर ही काला धन विदेशों से आ जाएगा। भाजपा ने कांग्रेस पर यह आरोप बार-बार लगाया था कि विदेश में पैसे रखने वालों के नाम उसने जानबूझ कर उजागर नहीं किये क्योंकि वह कुछ लोगों को बचाना चाहती थी। पर सत्ता में आने के बाद भाजपा सरकार ने भी इस मुद्दे पर अपने पांव खींच लिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो नवंबर को रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में यह मान लिया कि विदेशों में कितना काला धन जमा है, इसकी बिल्कुल सही रकम किसी को नहीं मालूम।
प्रधानमंत्री ने कहा था कि ‘आज तक न मुझे, न सरकार को, न आपको, न पहले की सरकारों को’ किसी को भी यह नहीं मालूम कि विदेशों में कितने पैसे वाकई जमा है। हर आदमी अपने हिसाब से एक आंकड़ा देता है। प्रधानमंत्री ने कहा था कि-मैं आंकड़ों में फंसना नहीं चाहता। मेरी प्रतिबद्धता है कि चाहे जितना पैसा हो, दो रुपए, पांच रुपए, एक करोड़ रुपए या उससे ज्यादा, वह पैसा इस देश के गरीबों का है, उसे वापस लाया जाना चाहिए। और मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि इसके लिए कोशिश करने में मैं कोई कोताही नहीं करूंगा। प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर लगातार आश्वासन दे रहे हैं कि सरकार काला धन वापस लाएगी। वित्त मंत्री अरूण जेटली भी कह रहे हैं कि सरकार इस दिशा में काम कर रही है। सरकार काला धन वापस लाने पर काम करे लेकिन सरकार की यह भी कोशिश होनी चाहिए कि कम से कम देश से काला धन बाहर न जाने पाए। विश्व में काला धन विदेश में भेजने के मामले में भारत चौथे स्थान पर है। सरकार यह भलीभांति जानती है। इसलिए सरकार को इस दिशा में कठोर कदम उठाने की जरूरत है।

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