कालाबाजारी रोकने से बचते हैं अधिकारी, लुट रहे उपभोक्ता

एलपीजी उपभोक्ताओं को समय से नहीं मिल पा रहा सिलिंडर

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी में घरेलू सिलेंडरों का व्यावसायिक इस्तेमाल और सिलिंडर की कालाबाजारी चरम पर है। एलपीजी उपभोक्ताओं को सिलिंडर की बुकिंग करवाने के 10 दिन बाद सिलेंडर मिल पा रहा है। जबकि होटलों, रेस्टोरेंटों और दुकानों पर बड़ी ही आसानी से घरेलू सिलेंडर उपलब्ध हो जाता है। वहीं अवैध रिफिलिंग का धंधा करने वाली दुकानें हर गली मोहल्ले में खुल गई हैं। जो हादसे का सबब बन रही हैं।
जिले में छह महीने के अंदर घरेलू सिलेंडर फटने और सिलिंडर की लीकेज के कारण आधा दर्जन से अधिक हादसे हो चुके हैं। इसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं। इन सबके बावजूद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारी सिलेंडर की अवैध रिफिलिंग रोकने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। गैस एजेंसियों की मिलीभगत से दुकानदारों को नान सब्सिडी रेट से 100 रुपये अतिरिक्त कीमत वसूलकर घरेलू सिलेंडरों का व्यावसायिक इस्तेमाल करने की खूली छूट मिल रही है, जिसकी वजह से कामर्शियल सिलेंडर लेने के प्रति दुकानदाार भी रुचि नहीं दिखा रहे हैं। नतीजतन सामान्य उपभोक्ताओं के हिस्से का सिलेंडर होटलों, रेस्टोरेंट और दुकानदारों पर सप्लाई किया जा रहा है। ऐसा करके गैस एजेंसियों से जुड़े कर्मचारी और सिलेंडर की कालाबाजारी करने वाले लोग अपनी जेबें भर रहे हैं।
गौरतलब हो कि लाटूश रोड स्थित चाय की दुकान में घरेलू सिलेंडर का इस्तेमाल हो रहा था। इसमें सिलेंडर में लीकेज की वजह से अचानक आग लग गई। इस हादसे में दुकान में भर कर रखे तीन अन्य सिलेंडर भी मिले थे। इस मामले की जांच करने पहुंचे खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने दुकानदार के खिलाफ रिपोर्ट तक दर्ज नहीं करवाई थी। इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि घरेलू सिलेंडर की कालाबाजारी रोकने के प्रति जिम्मेदार विभागों के अधिकारी कितने गंभीर हैं। तकनीकी कारणों पर गौर करें तो कामर्शियल और घरेलू सिलेंडर के रेग्युलेटर की बनावट एवं आकार में काफी अंतर होता है। कामर्शियल सिलेंडर में ज्यादा प्रेशर और घरेलू सिलेंडर में कम प्रेशर से गैस निकलती है। इसी कारण भट्टियों और बड़े चूल्हों में घरेलू सिलेंडर लगाए जा रहे है। जिसकी वजह से दुकानों में हादसे हो रहे हैं। इस पर रोक लगाने के लिए घरेलू सिलेंडर की कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग दोनों पर रोक लगाया जाना जरूरी है।

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