कालाबाजारी में बिक गया गरीबों का खाद्यान्न

मलिहाबाद क्षेत्र में कोटेदारों ने हजम किया कोटे का आनाज

पूर्ति निरीक्षक व भण्डार प्रभारी की साठगांठ से सक्रिय हैं खाद्यान्न माफि या
जांच के बाद दोषियों पर होगी कार्रवाई : एसडीएम

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। सरकार द्वारा गरीबों के परिवारों का पेट भरने के लिए उपलब्ध कराया जाने वाला खाद्यान्न आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से खुले बाजारों मे बिक रहा है। माह अप्रैल व मई का करीब साढ़े 4 हजार कुन्तल खाद्यान्न पात्रों को न देकर बाजारों में बेच दिया गया। कोटेदारों के द्वारा की जा रही इस कालाबाजारी मे आपूर्ति विभाग व आवश्यक वस्तु निगम का खुला संरक्षण प्राप्त है।
मलिहाबाद क्षेत्र के 63 कोटेदारों के माध्यम से अतिरिक्त बीपीएल परिवारों के लिए 476 कुन्तल चालव व 330 कुन्तल गेहूं सहित एपीएल परिवारों के लिए 1400 कुन्तल गेहूं का वितरण किया जाना था, लेकिन तहसील के पूर्ति निरीक्षक नरेन्द्र सुंदरियाल व आवश्यक वस्तु निगम के भण्डार प्रभारी उमेश जायसवाल की अवैध वसूली अदा कर कोटेदारों ने यह खाद्यान्न पात्रों में न वितरित कर इसकी कालाबाजारी कर दी। यही हाल मई माह में हुआ। दोनों महीनों में गरीब अपना खाद्यान्न पाने से वंचित रह गये। खाद्यान्न पाने के लिए कार्डधारक राशन दुकानदारों के चक्कर लगाते रहे। कोटेदारों उन्हें झूठ बोलकर टरकाते रहे कि अभी उठान करना है। भण्डार से मिलते ही वितरण किया जायेगा। लेकिन यह झूठे सपने देख पात्र खाद्यान्न पाने से वंचित हो गये। कालाबाजारी का यह खुला धन्धा करीब 35 कोटेदारों ने किया है। जानकारी पाकर एडीएम आपूर्ति ने जिलापूर्ति अधिकारी को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है लेकिन विभागीय लोगों के फ ंसने की संभावना को देख उन्होंने जांच ठण्डे बस्ते में डाल दी है। भारतीय किसान यूनियन के जिला उपाध्यक्ष कमलेश मौर्य का कहना है कि गरीबों का खाद्यान्न कोटेदारों से बिकवाकर आपूर्ति निरीक्षक व भण्डार प्रभारी मालामाल हो रहे हैं। कोटेदारों, आपूर्ति निरीक्षक व भण्डार प्रभारी से साठगांठ रखने वाले राशन माफि या यह खेल रहे हैं। भाजपा अनुसूचित मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष विजय सिंह गौतम का कहना है कि हो रहे खाद्यान्न घोटाले की जांच जिलास्तरीय अधिकारियों की एक टीम गठित कर करायी जानी चाहिए। जिससे घोटाले का पर्दाफ ाश हो। घोटाले मे शामिल पाये जाने वाले लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराते हुये उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करायी जाये। इस सम्बन्ध में उपजिलाधिकारी नन्दलाल सिंह का कहना है कि अगर ऐसा हो रहा है तो वह इसकी जांच कराने के बाद दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही करेंगे।

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