कार की एसी से फैल सकता है कैंसर

कार में बैठने से पहले कुछ समय के लिये इसके दरवाजे व खिड़कियां खोल दें
विषैली गैस बैंजीन से होता है कैंसर

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि पहले की अपेक्षा आज कैंसर से ज्यादा मौतें हो रही हैं। वर्तमान में अधिकांश लोग कार का उपयोग कर रहे है और कार में बैठते ही सबसे पहले एसी चालू करते है। यह बहुत ही खतरनाक है। कार में बैठने के बाद सबसे पहले शीशों को खोलें और कुछ मिनटों के बाद ही एसी चालू करें। तुरंत कार की एसी चलाने से कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है।
यह बातें केजीएमयू के रेडियो थैरेपी विभाग के डॉ. नसीम जमाल ने कही। उन्होंने कहा कि अनुसंधान में यह पता चला है कि एसी से निकलने वाली गैस प्लास्टिक से क्रिया कर बैंजीन गैस बनाती है। कार का डैश बोर्ड, सीट सभी प्लास्टिक की होती है। विषैली गैस बैंजीन कैंसर का बड़ा कारण है। आप भी इसका अनुभव कर सकते है जब कार में बैठे हो, गर्म प्लास्टिक की गंध को स्वयं अनुभव करेंगे।
उन्होंने कहा बैन्जीन, कैंसर कारक होने के साथ- साथ हड्डियों पर विषैला प्रभाव, एनीमिया और स्वास्थ्य रक्षक सफेद रक्त कणों (यह रोग कारक विषाणुओं को नष्ट करते हैं) में कमी लाती है। अधिक समय के सम्पर्क से ल्युकेमिया और कुछ अन्य प्रकार के कैंसर बढऩे का पूर्ण खतरा है। इसके कारण गर्भवती महिलाओं में गर्भपात हो सकता है। बन्द स्थान में बैन्ज़ीन का स्तर 50 मिलीग्राम प्रति वर्ग फीट है। एक कार जो कि एक बन्द जगह पार्क की गई हो और जिसके शीशे बन्द हों में 400-800 मिलीग्राम बैन्ज़ीन का स्तर होगा, जोकि स्वीकृत मात्रा से 8 गुना अधिक होती है।
यदि इसको बाहर खुले में पार्क किया गया हो जहां पर तापमान 60 फैरनहाईट अंश से अधिक हो तो, बैंजीन का स्तर 2000-4000 मिलीग्राम होगा। अर्थात स्वीकृत स्तर से कम से कम 40 गुना अधिक होती है, जो व्यक्ति शीशे बन्द हुई कार में बैठ जाते हैं वस्तुत: वह अत्याधिक मात्रा में विद्यमान विषैली बैंजीन को सांस के द्वारा अपने शरीर में ले लेंगे। डा. नसीम जमाल ने कहा कि बैन्जीन एक विषैला तत्व है जोकि गुर्दे और लीवर पर दुष्प्रभाव डालता है। सबसे ख़तरनाक बात है कि हमारा शरीर इस विषैले तत्व को बाहर करने में नितान्त असमर्थ है। अत: कार में बैठने से पहले कुछ समय के लिये इसके दरवाजे व खिड़कियाँ खोल दें जिससे बैठने से पहले ही अन्दर की हवा बाहर निकल जाये।

पीजी में प्रवेश 10 जुलाई तक

लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में पीजी में प्रवेश की तिथि बढ़ा दी गई है। पहले 30 जून अंतिम तिथि घोषित हुई थी पर अखिल भारती विद्यार्थी परिषद के सदस्यों ने कुलपति से मिलकर डेट आगे बढ़ाने के लिए कहा था जिस पर प्रवेश की अंतिम तिथि 10 जुलाई कर दी गई है। लखनऊ विश्वविद्यालय में पीजी में प्रवेश को लेकर छात्र बहुत परेशान थे। छात्रों के मुताबिक सर्वर की समस्या तो थी ही, फार्म डाउनलोड भी नहीं हो रहा है। फार्म में भी बहुत गड़बड़ी थी।

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