कामधेनु योजना की 50 इकाईयां जिले में होंगी स्थापित

बैंक ऋण का 5 वर्षों तक का ब्याज अदा करेगी सरकार

लाभार्थी को केवल 25 प्रतिशत ही लगानी पड़ेगी मार्जिन मनी

 Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। एक करोड़ 35 लाख रूपयों की लागत से जनपद के आठ विकास खण्डों में प्रदेश सरकार द्वारा चलायी जा रही माइक्रो कामधेनु योजना के अन्र्तगत मिनी डेयरियां स्थापित की जायेेंगी। जिसके लिए पशुपालकों से पशुपालन विभाग ने आवेदन पत्र की मांग की है।
गांवों के भ्रमण पर निकले पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रामशब्द ने इस योजना की जानकारी देते हुए ग्रामीणों को बताया कि मिनी डेयरी की इस योजना मे केवल 50 पशुपालकों को ही इस वित्तीय वर्ष मे लाभान्वित कराया जायेगा। पशुओं में दुग्ध क्षमता की बढ़ोत्तरी के साथ गांव में रोजगार के अवसर विकसित करने के लिए यह योजना महत्वाकांक्षी है। इकाई पर शंकर नस्ल की गायें जर्सी, साहीवाल व एचएफ तथा मुर्रा नस्ल की भैंसे रखी जायेंगी। एक इकाई पर 26 लाख 99 हजार रूपयों की धनराशि व्यय होगी। जिसमें 25 प्रतिशत 6 लाख 75 हजार की धनराशि लाभार्थी को मार्जिन मनी के रूप मे स्वयं लगाना पडेगा। शेष धनराशि बैंक के माध्यम से लाभार्थी को ऋण के रूप मे उपलब्ध कराना होगा। इस ऋण का कुल ब्याज पांच वर्षों तक विभाग द्वारा लाभार्थी के खाते में दिया जायेगा। यह ब्याज की रकम 7 लाख 29 हजार रूपये होगी। लाभार्थी अगर गाय की यूनिट स्थापित करता है तो उसे अलग से एक लाख 25 हजार रूपयों का अनुदान सरकार द्वारा मिलेगा। लाभार्थियों का चयन जिला स्तर पर गठित चयन समिति के द्वारा किया जायेगा। आवेदकों के आवेदन पत्र विकास खण्डों मे कार्यरत पशु चिकित्साधिकारी के पास जमा होंगे। जिन्हें वह स्थलीय निरीक्षण कर अपनी संस्तुति के साथ चयन समिति को उपलब्ध करायेगा। चयन समिति के अध्यक्ष मुख्य विकास अधिकारी होंगे। सचिव मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के साथ लीड बैंक का एक सदस्य व दुग्ध विकास अधिकारी सदस्य के रूप मे रहेंगे। इकाई की स्थापना के लिए पशुओं के आवास निर्माण पर 4 लाख 95 हजार, उपकरणों की खरीद पर 2 लाख 70 हजार, 25 पशुओं की खरीद पर 17 लाख 50 हजार, पशुओं के बीमा पर 84 हजार, गाय व भैंसों को लाने पर एक लाख रूपयों का खर्च आयेगा। डॉ. रामशब्द ने दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए पशु पालकों से योजना का लाभ लेने की अपील भी किया।

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