कानपुर में भी मारी गई पत्रकार को गोली

हत्यारोपी मंत्री की नहीं हुई गिरफ्तारी

जागेन्द्र की मौत के बाद अब कानुपर में जर्नलिस्ट पर हमला C1
चार लोगों ने घेर कर बरसाई पत्रकार पर गोलियां
शाहजहांपुर के पत्रकार जागेन्द्र के हत्यारे मंत्री को अभी तक नहीं हटाया गया है मंत्री पद से

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। तो क्या उत्तर प्रदेश पत्रकारों के लिए ईराक बनता जा रहा है ? हाल की घटनाएं तो इसी ओर इशारा कर रही है। शाहजहांपुर के बाद कानपुर में एक पत्रकार को गोली मार दी गयी। पुलिस और प्रशासन लीपापोती में जुटा है। जागेन्द्र का हत्यारा मंत्री राममूर्ति वर्मा अभी भी मंत्री पद पर सुशोभित है। उल्टे वह शाहजहांपुर के पत्रकारों पर मामले को सुलटाने का दबाव बना रहा है।
राममूर्ति पर पत्रकार को जलाकर मारने का सीधा आरोप है ।उन पर मुकदमा भी कायम किया गया है। ऐसे में उनका मंत्री बना रहना केस को कमजोर कर रहा है। वह सीधे तौर पर पुलिस के जरिये पीडि़त परिवार और मरहूम पत्रकार के लिए लड़ाई लड़ रहे लोगों का उत्पीडऩ करने से बाज नहीं आ रहे है। पत्रकारों में ताजा घटनाओं को लेकर रोष है। शाहजहांपुर के पत्रकारों का कहना है कि पुलिस के जारिये मंत्री की ओर से लगातार इस बात की कोशिशे जारी है कि परिजन कोई मौखिक समझौता कर मामले को ठंडा कर दें। उत्तर प्रदेश में इस घटना से पूर्व भी कई ऐसी घटनायें हुई है जिनमें पत्रकारों को झूठे मुकदमों में फंसाया गया है।
दुख की बात यह है कि इतनी घटनाएं हो जाने के बावजूद सरकारी तंत्र अभी भी उदासीन बना हुआ है। कोई भी ऐसी नीति नहीं बनायी गई है जिसमें इस बात का उल्लेख हो कि पत्रकारों की सुरक्षा किस तरह की जाए। जिले के अफसरों और राजनेताओं का घिनौना गठजोड़ पत्रकारों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। अभी तक पत्रकार संगठन भी इस मुद्दे पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर सके हैं, जिससे पत्रकारों की सुरक्षा लगातार खतरे में है।

शॉकिंग 

कानपुर की घटना
कानपुर से प्रकाशित दैनिक आज का सच समाचार पत्र के पत्रकार को देर रात गोली मार दी गई। हमले में दो गोली लगने से घायल पत्रकार को हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। कानपुर के नौबस्ता थाना क्षेत्र के बसंत विहार में देर रात बाइक सवार चार युवकों ने पत्रकार दीपक मिश्रा पर गोलियां बरसा दी। गोलियां लगने से गंभीर घायल पत्रकार को पुलिस ने हैलट में भर्ती कराया है। हमले के पीछे जुआ और सट्टा को लेकर दो वर्ष पहले का विवाद बताया जा रहा है।

पत्रकार बोले मंत्री पर हो कार्रवाई…

इतनी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बाबजूद कोई कार्रवाई न होना बहुत दुखद है। जो पत्रकार इतना बहादुर हो कि पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोल रखा हो वो पुलिस को देख कर आग लगा लेगा इस पर यकीन करना मुश्किल है।
कमाल खान,
स्थानीय संपादक एनडीटीवी

यूपी में पत्रकार असुरक्षित हो गए हैं। जिस तरह आज कानपुर में भी एक पत्रकार को गोली मार दी गई वो खतरनाक स्थिति है। जागेन्द्र के मामले में राममूर्ति वर्मा को पहले तत्काल मंत्रिमंडल से बर्खास्त करना चाहिए और फिर उन्हें गिरफ्तार करना चाहिए।

बृजेश मिश्रा
हेड ईटीवी

जिस तरह दिल्ली के कानून मंत्री पर 420 का मुकदमा दर्ज होते ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया उसी तरह हत्या और षडय़ंत्र करने की धारा लगने के बाद पहले तो मंत्री राममूर्ति वर्मा को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाना चाहिए फिर तत्काल उनकी गिरफ्तारी करनी चाहिए।

उन्मुक्त मिश्रायूपी हेड

जिस तरह दिल्ली के कानून मंत्री पर 420 का मुकदमा दर्ज होते ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया उसी तरह हत्या और षडय़ंत्र करने की धारा लगने के बाद पहले तो मंत्री राममूर्ति वर्मा को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाना चाहिए फिर तत्काल उनकी गिरफ्तारी करनी चाहिए।

उन्मुक्त मिश्रा  यूपी हेड

तत्काल मंत्री राममूर्ति को बर्खास्त करके उनकी गिरफ़्तारी होनी चाहिए। इससे पहले सरकार कई मंत्री को हटाकर कार्यवाही करनी की घोषणा कर चुकी है फिर आखिर राममूर्ति वर्मा को अभी तक क्यों नहीं हटाया गया?

तत्काल मंत्री राममूर्ति को बर्खास्त करके उनकी गिरफ़्तारी होनी चाहिए। इससे पहले सरकार कई मंत्री को हटाकर कार्यवाही करनी की घोषणा कर चुकी है फिर आखिर राममूर्ति वर्मा को अभी तक क्यों नहीं हटाया गया?

न्याय के लिए गैंगरेप की शिकार युवती चढ़ी पानी की टंकी पर, हडक़म्प

अम्बेडकर नगर जनपद का है मामला, दो माह बाद भी नहीं दर्ज हुआ मुकदमा

पानी की टंकी पर चढ़ी हुई पीडि़त युवती
लखनऊ। अम्बेडकर नगर जनपद में गैंगरेप की शिकार हुई एक दलित किशोरी को जब न्याय नहीं मिला तो वह सिविल अस्पताल के पास स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने उसे समझा-बुझाकर टंकी से नीचे उतारा। किशोरी तीन दिन से गांधी प्रतिमा पर धरना दे रही थी। बेहोश होने के बाद उसे पुलिस ने सिविल अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां गुरुवार को होश में आने पर वह टंकी पर चढ़ गई थी। किशोरी का आरोप है कि उसका पुलिस मेडिकल नहीं करा रही है। इतना ही नहीं दो माह से उसका मुकदमा तक नहीं दर्ज किया गया है।
अम्बेडकर नगर जनपद के थाना महरूआ क्षेत्र के ग्राम दांदमपुर निवासी एक दलित किशोरी ने बताया कि गांव के निवासी विनोद कुमार दूबे पुत्र राधेश्याम दूबे, गोविंद कुमार पुत्र संतराम, लल्लू वर्मा उर्फ रणजीत वर्मा पुत्र रामप्रसाद वर्मा ने लाल रंग की बुलेरो वाहन से उसका अपहरण कर टांडा रोड जोलैहा गांव में स्थित कांशीराम आवास योजना में बंधक बनाकर कई माह तक गैंगरेप किया। गर्भवती होने पर शहजादपुर में स्थित अमन हॉस्पिटल में ले जाकर उसका गर्भपात भी कराया गया। जबरदस्ती किशोरी का गोविंद के साथ कोर्ट मैरैज भी दबंगों ने करा दिया। किसी तरह दबंगों के चंगुल से जान बचाकर पीडि़ता भागी और अपने मां-बाप को आपबीती सुनाई। परिजनों ने इस मामले में थाने पर तहरीर दी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। डेढ़ माह से वह मुकदमा दर्ज कराने के लिए अधिकारियों और आयोग का चक्कर लगा रही है, इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। किशोरी का आरोप है कि थाने से लेकर डीजीपी कार्यालय तक प्रार्थना-पत्र देने के बाद भी स्थानीय पुलिस ने मुकदमा तक दर्ज नहीं किया। हालत यह है कि महिला आयोग, मानवाधिकार आयोग और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग में भी प्रार्थना-पत्र देने के बाद भी दबंगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। नतीजा यह है कि न्याय के लिए युवती दर-दर भटक रही है।

 

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