कानपुर को मेट्रो की सौगात के मायने

यहां मेट्रो के बन जाने से शहरवासियों को न केवल जाम से छुटकारा मिलेगा बल्कि सस्ते और सुविधाजनक यातायात साधन की उपलब्धता भी सुनिश्चित हो जाएगी। सबसे अधिक फायदा उन लोगों को होगा जो शहर के एक कोने से दूसरे कोने तक रोज अपनी रोजी-रोटी के लिए निजी या असहज सार्वजनिक यातायात साधनों से यात्रा को मजबूर हैं।

sanjay sharma editor5मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कानपुरवासियों को मेट्रो की सौगात दे दी है। इसमें 32 किमी के दो गलियारे और 31 स्टेशन प्रस्तावित हैं। 19 स्टेशन जमीन के ऊपर और 12 भूमिगत होंगे। परियोजना की अनुमानित लागत 13721 करोड़ रुपये है। इसी के साथ प्रदेश सरकार के खाते में एक और विकास कार्य जुड़ गया। सवाल यह है कि लखनऊ के बाद कानपुर में मेट्रो दौड़ाने के पीछे प्रदेश सरकार की मंशा क्या है? क्या सरकार इसके जरिए इस औद्योगिक शहर में केवल सार्वजनिक यातायात का सुगम साधन भर मुहैया कराना चाहती है या इसके पीछे उसकी मंशा विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना भी है? दरअसल, कानपुर में मेट्रो की जरूरत काफी समय से महसूस की जा रही थी। सरकार ने जनता की इस मंशा को समझा और इसके लिए एक योजना बनाकर केंद्र के पास भेज दी। लखनऊ मेट्रो की शुरूआत होने के बाद उम्मीद की जाने लगी थी कि जल्द ही कानपुर में भी मेट्रो की बुनियाद रखी जाएगी। सवाल यह भी है कि मेट्रो से जनता को लाभ क्या होगा और सरकार इसे किस तरह लाभ का सौदा बनाएगी? यहां मेट्रो के बन जाने से शहरवासियों को न केवल जाम से छुटकारा मिलेगा बल्कि सस्ते और सुविधाजनक यातायात साधन की उपलब्धता भी सुनिश्चित हो जाएगी। सबसे अधिक फायदा उन लोगों को होगा जो शहर के एक कोने से दूसरे कोने तक रोज अपनी रोजी-रोटी के लिए निजी या असहज सार्वजनिक यातायात साधनों से यात्रा को मजबूर हैं। मेट्रो से शहर के वायु प्रदूषण पर भी लगाम लगेगी। यहां व्यावसायिक डीजल व अनफिट वाहन रोक के बावजूद शहर की फिजा में प्रदूषण का जहर लगातार घोल रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक ऐसे एक लाख डीजल व अनफिट वाहन शहर में रोजाना दौड़ रहे हैं। आए दिन लगने वाला जाम भी प्रदूषण बढ़ा रहा है। वाहनों के जाम में फंसने से निकलने वाला धुआं हवा को प्रदूषित करता है। यही नहीं मेट्रो से शहर के विकास की रफ्तार भी तेज होगी। सरकार ने मेट्रो को फायदे का सौदा बनाने के लिए प्लान तैयार कर रखा है। इसके तहत कामर्शियल कॉम्प्लेक्स के साथ टाउनशिप बनायी जाएगी। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और प्रकारांतर से सरकार को भी टैक्स के रूप में फायदा मिलेगा। कुल मिलाकर देखा जाए तो अखिलेश सरकार के इस कदम से न केवल कानपुरवासियों को राहत मिलेगी बल्कि शहर के विकास की रफ्तार भी और तेज होगी।

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