कांग्रेस के ब्राह्मण कार्ड की काट ढूंढने में जुटी भारतीय जनता पार्टी

  • शीला दीक्षित को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने से बढ़ीं भाजपा की मुश्किलें
  • आरएसएस की तरफ से सुझाए गए नामों पर गंभीरता से विचार कर रही पार्टी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। कांग्रेस की तरफ से शीला दीक्षित को यूपी में सीएम पद का उम्मीदवार बनाए जाने के बाद बीजेपी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पार्टी हाईकमान प्रदेश में होने वाले आगामी विधान सभा चुनाव के मद्देनजर हिन्दुवादी और ब्राह्मण चेहरे की तलाश में जुट गया है। इतना ही नहीं आरएसएस की तरफ से मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में सुझाए गए नामों पर भी चर्चा शुरू हो गई है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि बहुत जल्द बीजेपी की तरफ से भी सीएम उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दी जाएगी।
भारतीय जनता पार्टी में सीएम उम्मीदवार को लेकर चल रही ऊहापोह की स्थिति अभी भी बरकरार है। प्रदेश में होने वाले आगामी चुनाव के दौरान पार्टी की तरफ से किस नेता को सीएम के चेहरे के रुप में प्रजेंट किया जाएगा। इसको लेकर पार्टी हाईकमान काफी परेशान है। अब तक स्मृति ईरानी, योगी आदित्यनाथ, वरुण गांधी और राजनाथ सिंह में से किसी एक को सीएम का चेहरा बनाए जाने की अटकलें लगाई जा रही थीं लेकिन  आरएसएस की बैठक में तीन नामों पर सबसे अधिक चर्चा हुई। उनमें योगी आदित्यनाथ, वरुण गांधी और महेश शर्मा का नाम शामिल है। इन नामों पर पार्टी हाईकमान की तरफ से भी विचार शुरू हो गया है। जबकि शीला दीक्षित को कांग्रेस की तरफ से सीएम उम्मीदवार बनाए जाने पर बीजेपी नेताओं का कहना था कि उनके आने से यूपी के चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा लेकिन ब्राह्मण और सवर्ण वोट बैंक बचाने के लिए पार्टी में जिस तरह से मंथन चल रहा है। इसमें योगी आदित्यनाथ का नाम सबसे ऊपर माना जा रहा है। प्रदेश में 14 प्रतिशत ब्राह्मण वोट बैंक बचाने की पूरी कोशिश में पार्टी हाईकमान जुट गया है। इसलिए पार्टी की तरफ से बहुत जल्द आरएसएस की तरफ से सुझाए गए नामों में से किसी एक पर अंतिम मुहर लगने की उम्मीद है।

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