कहीं ये आने वाले खतरे का सिग्नल तो नहीं

पीएमएस संघ के चुनाव अधिकारी की गाड़ी फूक़ने की हुई कोशिश

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। बीते गुरूवार को बलरामपुर अस्पताल में प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के चुनाव अधिकारी डॉ. एससी श्रीवास्तव की फोर व्हीलर में आग लगाने की कोशिश की गई। हालांकि समय रहते आग को देख लिया गया और गाड़ी पूर्ण रूप से सुरक्षित बच गई। देखने में ये छोटी घटना प्रतीत हो रही है लेकिन तमाम लोग इसे आने वाले खतरे के सिग्नल की संभावना से भी इंकार नहीं कर रहे हैं।

इस मुददे को लेकर बलरामपुर अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ डॉ. एससी श्रीवास्तव के साथ मीटिंग भी हुई। जिसमें पूर्व की कई बाइक चोरी, बाइक के कलपुर्जें चोरी की घटनाओं का जिक्र हुआ लेकिन इस तरह से गाड़ी में आग लगाने की घटना अस्पताल के अंदर पहली बार हुई है। गुरूवार को डॉ. एससी श्रीवास्तव ईएनटी की ओपीडी में बैठकर मरीजों को देख रहे थे। तभी अचानक लोगों को उनकी कार से धुआं निकलता दिखाई दिया। जब तक आग ज्यादा बढ़ पाती तब तक लोगों ने आग पर काबू पा लिया। बताते चलें कि बुधवार को बलरामपुर के सभागार में पीएमएस चुनाव के मतदान के दौरान मतदान न कर पाने वाले डॉक्टरों के साथ चुनाव अधिकारी डॉ. एससी श्रीवास्तव के साथ तीखी बहसबाजी हुई थी। कारण कई डॉक्टरों का मतदाता सूची में नाम ही नहीं था जिससे वह वोट डालने से वंचित रह गये थे। इसके आलावा पीएमएस को लेकर पहले से ही सवालिया निशान उठ रहे हैं। पीएमएस चुनाव संघ के जनरल सेक्रेटरी पद के लिए चुनाव लड़ रहे डॉ. राजेन्द्र कुमार सैनी चुनाव की पारदर्शिता को लेकर पहले ही हाईकोर्ट जा चुके हैं। साथ ही संगठन से जुड़े चुनाव के तरीकों को लेकर पहले ही गुस्सा जाहिर कर चुके हैं। आरोप है कि पीएमएस के चुनाव में पुराने उम्मीदवारों को फायदा पहुंचाने के लिए एकदम से तिथियां निर्धारित कर दी गई। चुनाव में खड़े उम्मीदवारों को जानबूझकर चुनाव से पहले मतदाता सूची ही नहीं जारी की गई। ताकि नये उम्मीदवार मतदाताओं से संपर्क न कर सके और पुराने उम्मीदवारों को फायदा मिल सके। मतदान के दौरान चुनाव अधिकारी डॉ. एससी श्रीवास्तव की लोकबंधु और आरएलबी के डॉक्टर से बहस हुई थी।

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