कहीं डीजीपी की नाराजगी तो भारी नहीं पड़ी गोयल पर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को एडीजी एलओ मुकुल गोयल का स्थानान्तरण करते हुए ईओडब्ल्यू भेज दिया जबकि उनके स्थान पर दलजीत चौधरी को एडीजी एलओ बनाया गया। दलजीत चौधरी जहां श्रीप्रकाश जायसवाल के करीबी माने जाते हैं वहीं मुकुल गोयल का स्थानान्तरण होने पर कई तरह की बातें सामने आ रही है। सबसे अहम बात यह है कि कहीं डीजीपी की नाराजगी तो गोयल के ऊपर भारी तो नहीं पड़ी।
बता दें कि 1987 बैच के आईपीएस अफसर मुकुल गोयल को मुलायम सिंह यादव के भरोसे का अधिकारी माना जाता है। मुजफ्फरनगर दंगे के बाद तत्कालीन एडीजी अरुण कुमार को हटाकर मुकुल गोयल को तैनाती दी गई थी। मुलायम सरकार में वह डीआईजी आगरा रेंज थे और इस हैसियत से वह तत्कालीन पुलिस भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष थे। वर्ष 2007 में मायावती की सरकार आते ही प्रतिनियुक्ति पर केंद्र चले गए थे। मायावती ने मुलायम सरकार में हुई सिपाही भर्ती में घोटाला होने का आरोप लगाया था। लेकिन 2012 में सपा सरकार बनते ही पूर्ववर्ती सरकार के यह सारे आदेश पलट गए। मुकुल गोयल भी यूपी लौट आए और उन्हें बरेली जोन का आईजी बनाया गया। जबकि दलजीत चौधरी तत्कालीन कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल के काफी करीबी बताये जा रहें है। सूत्रों की मानें तो डीजीपी एके जैन और मुकुल गोयल में तालमेल का अभाव था। मीटिंग के अलावा कहीं भी यह दोनों अधिकारी एक साथ नहीं देखे जाते थे।

 

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