कश्मीर में फिर भडक़ी हिंसा, कर्फ्यू

  • घर के बाहर खड़े 12 साल से बच्चे की पैलेट गन से मौत के बाद भडक़ा आक्रोश
  • गृहमंत्री के आश्वासन के बावजूद सेना ने किया पैलेट गन का इस्तेमाल

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
captureश्रीनगर। जम्मू एवं कश्मीर में एक बार फिर हिंसा भडक़ गई है। सुरक्षा बलों के साथ झड़प में गोलीबारी के दौरान पैलेट गन के छर्रों से घायल 12 साल के बच्चे की मौत हो गई है जबकि गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने सुरक्षा बलों को पैलेट गन का इस्तेमाल न करने और अन्य विकल्पों का इस्तेमाल किए जाने का भरोसा दिलाया था इसलिए बच्चे की मौत के बाद लोग बेकाबू होकर प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं प्रशासन ने मामले को नियंत्रित करने के लिए कफ्र्यू लगा दिया है।
श्रीनगर के सैदपोरा का रहना वाला 12 साल का जुनैद अहमद भट्ट अपने घर के बाहर खड़ा था और तभी पैलेट गन के छर्रे लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने बताया कि इलाके में झड़प के बाद सुरक्षाबलों को पैलेट गन का इस्तेमाल करना पड़ा। हालांकि पुलिस सूत्रों ने साथ ही बताया कि जुनैद उस प्रदर्शन का हिस्सा नहीं था। एक अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया, वह शहर के सैदपोरा में अपने घर के मुख्य द्वार पर खड़ा था, तभी उसे कई छर्रे लगे। स्थानीय लोगों के मुताबिक सिर और छाती में दर्जनों छर्रे लगने की वजह से जुनैद गंभीर रूप से घायल हो गया था। स्थानीय लोगों ने उसे इलाज के लिए शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइसेंज (एसकेआईएमएस) में भर्ती कराया था, जहां उसने आज दम तोड़ दिया। जुनैद का शव जब उसके घर लाया गया, तो उसकी मौत से गुस्साए सैकड़ों लोग सडक़ों पर उतर आए और सरकार विरोधी नारे लगाने लगे। जुनैद का शव लेकर शहर में ईदगाह के करीब कब्रिस्तान की तरफ जा रहे लोगों को काबू में करने के लिए सुरक्षाबलों को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षाबलों ने जनाजे (शवयात्रा) को रोकने की कोशिश की। इससे स्थानीय लोगों और सुरक्षाबलों के बीच फिर झड़प शुरू हो गई और इस दौरान आंसू गैस और पैलेट फायरिंग में कई और लोग घायल हो गए। गौरतलब है कि 9 जुलाई को सुरक्षाबलों द्वारा हिज्बुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी को मार गिराए जाने के बाद से घाटी में अशांति का माहौल है, इस दौरान भडक़ी हिंसा में मृतकों की संख्या बढक़र 91 हो गई है।

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