कर्मचारियों के वेतन के लिए करना पड़ रहा जुगाड़

  • करोड़ों के घाटे में चल रहा नगर निगम
  • वार्ड विकास निधि के रूप में नहीं हुआ कोई काम
  • ठेकेदारों का भी बकाया है करोड़ों रुपये

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। मौजूदा समय में 150 करोड़ रुपये के घाटे में चल रहे नगर निगम के पास कर्मचारियों के लिए वेतन का जुगाड़ करना पड़ रहा है। कुछ माह से स्थिति ऐसी हो गई है कि नगर निगम को वेतन के लिए टैक्स वसूली से जुटाए गए पैसे को वेतन देने में इस्तेमाल किया जा रहा है। नतीजतन नए वित्तीय वर्ष में वार्ड विकास निधि के रूप में एक भी रुपये का काम शुरू नहीं किया जा सका है।
इसके अलावा वर्ष 2009 से ठेकेदारों का भी करीब नब्बे करोड़ के आसपास बकाया है। बड़े ठेकेदारों का ही पंद्रह करोड़ रुपया बकाया चल रहा है। वहीं नगर निगम से पीडब्ल्यूडी ने भी अवस्थापना मद से 21 करोड़ रुपये साइकिल ट्रैक के मद में मांग लिए हैं। ऐसे में यह रकम नगर निगम के लिए गले की हड्डी बन गई है। सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट के लिए यह रकम देना भी जरूरी है। ऐसे में नगर निगम ने बीच का रास्ता निकालते हुए शासन से बकाए की मांग की है। नगर निगम का तर्क है कि पिछला बकाया मिलाकर कुल 89 करोड़ मिल जाएंगे तो साइकिल ट्रैक के लिए पैसा देने में कोई दिक्कत नहीं होगी। नगर निगम की आर्थिक स्थिति सुधारने और वार्डों में प्रस्तावित कार्यों को कराने के लिए नगर आयुक्त उदय राज सिंह ने शासन से 89 करोड़ रुपये की मांग की है।

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