करोड़ों गबन करने वाले आजाद, आम आदमी 33 रु. के लिये भेजा गया जेल

यह कैसा न्याय

अयोध्या कोतवाली का मामला पराग जीएम को गबन के मामले में भेजा जेल

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। सत्ता की हनक और पहुंच हो तो कुछ भी सम्भव है। अरबों रुपये के घोटाले के मामले में एक तरफ जहां सरकार यादव सिंह को बचा रही है वहीं दूसरी तरफ मात्र 33 रुपये के गबन को लेकर पराग डेयरी के महाप्रबंधक को जेल भेज दिया गया। यह मामला उत्तर प्रदेश के फैजाबाद जनपद के अयोध्या कोतवाली का है। इस न्याय को लेकर सपा सरकार और फैजाबाद पुलिस की कार्य प्रणाली पर जहां सवाल खड़े हो रहे है वहीं हर कोई अवाक भी है।
उत्तर प्रदेश सरकार यादव सिंह को बचाने के लिए अनेक जतन कर रही है, तो वहीं प्रदेश में मात्र 33 रुपए में एक आदमी को जेल भेज दिया गया। प्रदेश के दुग्ध राज्य मंत्री राममूर्ति वर्मा अपने दलबल के साथ मंगलवार को अचानक अयोध्या स्थित पराग डेयरी केंद्र पहुंचे और निरीक्षण शुरू कर दिया। लगभग एक घंटे तक चले निरीक्षण के बाद श्री वर्मा ने महाप्रबंधक जेपी त्रिपाठी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दे दिया। आदेश मिलने के बाद दुग्ध विकास अधिकारी एमके शुक्ला ने अयोध्या कोतवाली में धारा 406 के तहत मुकदमा दर्ज कराया। मंत्री का प्रभाव कुछ इस कदर हावी हुआ कि मुकदमा दर्ज होने के तुरन्त बाद ही महाप्रबंधक जेपी त्रिपाठी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जबकि चंद मिनट की जांच में पुलिस ने अन्य कर्मचरियों को क्लीन चिट दे दी। एसआईआर में 33 रुपये गबन, फैट की बात कही गई है। बता दें कि जेपी त्रिपाठी को जिस धारा के तहत गिरफ्तार किया गया है उसमें महज तीन साल की सजा है। इस धारा में सबसे पहले जांच होती है। गिरफ्तारी नहीं होती है। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने सात साल से कम की सजा मामले में तुरंत गिरफ्तारी की आवश्यकता नहीं बताई है। वहीं सूत्रों का कहना है कि मंत्री के सिफारिश पर नौकरी नहीं देने के कारण जेल भेजा गया है।

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