करोड़ों खर्च, मिल रहा गंदा पानी

जिले में गंदा पानी पीने को मजबूर नगरीय क्षेत्र में रहने वाले हजारों लोग

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राजधानी में पानी की सप्लाई, सफाई और जल निस्तारण पर सालाना करोड़ों रुपए खर्च होने के बाद भी आम लोगों को पीने के पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। आए दिन शहर के किसी न किसी वार्ड में लोगों को गंदे पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। इन मोहल्लों में रहने वाले लोग पानी की गंदगी के कारण कई तरह के बीमारियों के शिकार हो रहे हैं, लेकिन जलकल सहित तमाम दूसरी विभाग इन समस्याओं के हल के बजाए कोरा आश्वासन देकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं। ऐसे में आम लोग गंदा पानी पीने को मजबूर हैं।
नगर निगम सालाना अपने वित्तीय बजट में पानी की आपूर्ति, संरक्षण और इसके निस्तारण सहित स्वच्छता पर करोड़ों रुपए खर्च करता हैं। इसके बावजूद नगर क्षेत्रों में लोगों को पीने के का साफ पानी नहीं मिल पा रहा है। शहरी क्षेत्र के 50 से ज्यादा मोहल्लों में घरों के अंदर लगे नल में पीने का पानी बड़ी मुश्किल से आता है। इस वजह से इन इलाके अधिकांश लोगों ने मजबूरी में ही अपने घरों में पानी के मोटर लगवा लिए हैं। इसके बाद भी इन्हें साफ पानी शायद ही मिल पाता हो। जिले के 140 वार्डों में से 60 फीसद वार्डों में पीने के लिए स्वच्छ पानी नहीं मिल पाता है। हर घर में बीमारियों से बचने और साफ पानी के लिए फिल्टर या दूसरे पानी साफ करने के उपकरण का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा बहुत से लोग पानी को उबालकर भी पीते हैं। लेकिन सालाना नगर निगम क्षेत्र में रहने वाले लोगों से करोड़ों रुपये कर वसूलने और पानी की आपूर्ति, निस्तारण एवं स्वच्छता पर सालाना करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी लोगों को साफ पानी मयस्सर नहीं है।

पानी और स्वच्छता पर होने वाला खर्च
नगर निगम ने पानी की आपूर्ति, निस्तारण एवं सफाई के नाम पर वित्तीय वर्ष 2015-16 में अब तक आम जनता से 21.93 लाख रुपये वसूले हैं। यह आंकड़ा 2013-14 में 32.67 लाख रुपये, मौजूदा वित्तीय वर्ष में 9615.97 लाख रुपये खर्च किये जा चुके हैं। इसी प्रकार वर्ष 2014-15 में पानी की आपूर्ति और निस्तारण और सफाई के नाम पर 24.83 लाख रुपए वसूले गए। जबकि इसी मद पर होने वाले खर्च का आंकड़ा 2014-15 में 14820 लाख रुपये था। इन सबके बावजूद आम जनता को पानी की किल्लत और स्वच्छ पानी के लिए जूझना पड़ रहा है।

इन इलाकों में आ रहा गंदा पानी
नगरीय क्षेत्र में गंदे पानी की सबसे अधिक समस्या खदरा, चौक, हुसैनगंज, यहियागंज, उदयगंज, इन्दिरानगर, नाका, राजाजीपुरम, आलमबाग, श्रीनगर, चित्रगुप्त नगर, मानक नगर, सुजानपुरा, विजय नगर, कृष्णानगर, प्रेम नगर, रश्मिखंड, चारबाग, ऐशबाग, हसनगंज, हुसैनाबाद, वजीरगंज समेत कई मोहल्लों में है। इलाके के लोगों ने गंदे पानी की समस्या पर जोनल अधिकारियों, जलकल विभाग के अधिकारियों और नगर आयुक्त तक से शिकायत की है, लेकिन साफ पानी की आपूर्ति नहीं तय की जा सकी है। महापौर की तरफ से भी साफ पानी की आपूर्ति की दिशा में कोई सार्थक प्रयास नहीं किया गया है। नतीजतन लोग गंदे पानी की वजह से पेट और त्वचा संबंधी बीमारियों सहित कई संक्रामक बीमारियों के शिकार बन रहे हैं।

गंदा पानी किडनी के लिए भी हानिकारक
गंदे पानी से पेट संबधी अनेकों प्रकार की बीमारियां हो सकती है। इसमें सबसे प्रमुख उल्टी-दस्त, कुपोषण, पेट में कीड़े, पेचिस और पीलिया की बीमारी है। यदि लंबे समय तक गंदे पानी का इस्तेमाल होता रहा तो लीवर और किडनी को भी खतरा हो सकता है। इसलिए बेहतर है, स्वच्छ पानी का उपयोग करें।

-डॉ. मनीष शुक्ला, चिकित्सक,
भाऊराव देवरस चिकित्सालय, महानगर

समस्या का हल नहीं करते अधिकारी
खदरा मोहल्ले के पचास से ज्यादा घरों में गंदे पानी की सप्लाई हो रही है। खदरा निवासी दिलीप जायसवाल के मुताबिक घरों में सप्लाई होने वाला पानी बहुत ही बदबूदार और गंदा होता है। इसलिए मजबूरन घर में एक्वागार्ड या फिल्टर लगवाना पड़ता है। गंदे पानी की समस्या का समाधान करवाने को लेकर पार्षद से लेकर जल संस्थान के महाप्रबंधक तक को पत्र लिखा जा चुका है लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ।

इन्दिरा नगर बी ब्लाक के पवन पाण्डेय के मुताबिक नगर निगम को आम जनता से टैक्स वसूलने की चिन्ता तो रहती है लेकिन जनता की समस्याओं के निस्तारण की फिक्र बिल्कुल भी नहीं होती है। इसी वजह से मोहल्ले में लगी पानी की टंकियों की सफाई सिर्फ कागजों में होती है। इनकी सफाई के लिए मिले पैसों की बंदरबांट कर ली जाती है। नतीजतन लोग गंदा पानी पीने को मजबूर है।

रश्मिखण्ड की रीना चौधरी कहती हैं कि कालोनी में गंदे पानी की सप्लाई के कारण हर घर में कोई न कोई पेट की बीमारी से परेशान रहता है। इस समस्या को लेकर छह महीने में पांच बार मोहल्ले के लोग प्रदर्शन कर चुके हैं। जल कल विभाग और नगर निगम के अधिकारियों को ज्ञापन दिया जा चुका है लेकिन गंदे पानी की समस्या से निजात नहीं मिल पा रही है।

इंदिरा नगर ए ब्लाक निवासी भवानी शंकर शर्मा के ने कहा कि हर महीने गृह कर और जल कर देने के बाद भी नगर निगम के अधिकारियों को कोई फिक्र नहीं है। मामले पर जिम्मेदार विभागों के अधिकारी बिल्कुल भी ध्यान भी नहीं देते हैं।

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