कमीशन मांगने वाले अधिकारी की शिकायत करना पड़ा महंगा

लोहिया आवास की धनराशि दिलाने के बदले 10 हजार रुपये मांगने का आरोप

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया ग्राम विकास योजना के अंतर्गत आने वाले कई गांव बदहाली के शिकार हो गये है। इसका अंदाजा उन गांवों में विकास के नाम पर बनी सडक़ोंऔर शौचालयों की हालत देखकर लगाया जा सकता है। इसके साथ ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और आवास आवंटन में खेल करने वाले अधिकारियों की दबंगई का मामला भी सामने आया है, जिसमें अधिकारियों के खिलाफ शिकायत करने वाले व्यक्ति को परेशान किया जा रहा है। इसकी सुनवाई भी नहीं हो रही है।
विकास खंड माल के कमालपुर लोधौरा का विकास डॉ. राम मनोहर लोहिया ग्राम विकास योजना के अंतर्गत किया जा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक शौचालयों का निर्माण, खड़ंजे का निर्माण और आवासों के आवंटन का काम ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी के मन मुताबिक हो रहा है। इसी वजह से दोनों लोगों ने लोहिया आवास योजना के लाभार्थियों पर दबाव डालकर प्रति आवास 10 हजार रुपये मांगना शुरू कर दिया।
जिन लाभार्थियों ने प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी को कमीशन देने से मना कर दिया उनको परेशान किया जा रहा है। इसकी शिकायत खंड विकास अधिकारी तक से की जा चुकी है। इसके बावजूद ग्रामीणों की मुश्किलें कम नहीं हो रही है।
खुशियों पर लगा ग्रहण
कमालपुर लोधौरा के मजरा भेलिया पुरवा निवासी हरीश चन्द्र लोहिया आवास योजना के लाभार्थी हैं। इनका नाम वर्ष 2014-15 में लोहिया आवास के लाभार्थियों में चुना गया था। इससे उनका पूरा परिवार खुश था लेकिन नाम घोषित होने के छह महीने बाद भी आवास और शौचालय बनवाने के लिए धनराशि नहीं मिली।
इस संबंध में पूछताछ करने पर ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी ने भी सही जानकारी नहीं दी। करीब तीन महीने तक टहलाते रहे। आखिरकार एक दिन ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी ने बातचीत के लिए बुलवाया। हरीश चन्द्र का आरोप है कि दोनों ने आवास की धनराशि के बदले 10 हजार रुपये कमीशन की मांग की लेकिन उन्होंने देने से मना कर दिया।
इसकी शिकायत खंड विकास अधिकारी से करने की बात कहकर लौट आये। इसके अगले दिन उन्होंने अपनी शिकायत भी दर्ज करवा दी। इस घटना के नाराज होकर ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी ने उनको परेशान करना शुरू कर दिया। इसी बीच ग्राम प्रधान ने उनके घर के बीचोबीच से खडंजा निकालने का ऐलान कर दिया। जिसमें उनकी मंडई का ओसारा तोडक़र करीब 4 फीट चौड़ी और 12 फीट लंबी जमीन पर जबरन सडक़ बनाने का काम शुरू हो गया। ऐसे में परिवार के सभी सदस्यों में भय का माहौल पैदा हो गया है। जबकि खडंजा बनाने का काम जबरन कराया जा रहा है।

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