कभी मुश्किल से मिला दाखिला, आज बने रोल मॉडल

  • निजी स्कूलों में भी गरीब बच्चों ने मनवाया प्रतिभा का लोहा, जीते पदक व कक्षा में हासिल किया स्थान]
  • आरटीई के जरिए मिल सका था निजी स्कूलों में गरीब बच्चों को दाखिला
  • तारीफ कर रहे हैं निजी स्कूलों के शिक्षक

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत कभी निजी स्कूलों ने गरीब बच्चों को दाखिला देने के नाम पर जमकर बवाल काटा था। आज इन्हीं स्कूलों में गरीबों के बच्चे एक नया रिकॉर्ड बना रहे हैं। इन बच्चों को ये स्कूल यह कहकर दाखिला नहीं दे रहे थे कि बच्चा पढ़ नहीं पाएगा। आज यही बच्चे स्कूलों की शान बढ़ा रहे हैं। इनकी मेधा की सराहना निजी स्कूल भी कर रहे हैं। इस नये बन रहे माहौल ने दूसरे छात्रों की राह भी आसान कर दी है।

बीते साल बच्चों के दाखिले को लेकर निजी स्कूलों में भारी विरोध था। इन गरीब बच्चों के अभिभावकों ने तब प्रशासन से यह सवाल भी पूछा कि क्या गरीबी अभिशाप है तो शिक्षा के दरवाजे भी बंद रहेंगे। तमाम तरह के सवालों और कड़वाहट के बाद बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला मिल सका। अभिभावकों की आंखों में भी बच्चों के बेहतर भविष्य का सपना जोर मारने लगा। लेकिन साल खत्म होने के साथ यह माहौल भी बदल गया। आज ये गरीब बच्चे स्कूलों में रोल मॉडल बन गए हैं। बच्चों की ऐसी प्रतिभा को देखते हुए कल तक जो स्कूल गरीब बच्चों का दाखिला देने से कतराते थे। आज उन्हीं स्कूलों ने ऐसे बच्चों के प्रवेश के लिए खुद पहल की है।

तान्या सिंह

बीते साल आरएलबी में कक्षा एक में आरटीई के तहत तान्या सिंह को दाखिला मिला था। इसे लेकर स्कूल ने बड़ी आपत्ति जताई थी। इसकी वजह बताई जा रही थी कि बच्ची दूसरे बच्चों की तरह अच्छे घर से नहीं है। उसकी पढ़ाई में भी काफी फर्क था। यह बच्ची दूसरे बच्चों के मुकाबले पढ़ाई कवर नहीं कर सकेगी। लेकिन तान्या सिंह ने लेट एडमिशन के बावजूद अपनी मेहनत और लगन से न सिर्फ कोर्स कवर किया बल्कि कक्षा में दूसरा स्थान भी हासिल किया।

मयंक सिंह
मयंक को बीते साल आरएलबी में केजी में दाखिला मिला है। दाखिले के समय मयंक की पढ़ाई को लेकर तमाम तरह की खामियां गिनाई गई। यहां तक कहा गया कि बच्चा दूसरे बच्चों को देखकर हीनभावना से ग्रसित हो जाएगा। किसी ने नहीं सोचा था कि वह बच्चा अपनी कक्षा में प्रथम आकर सबकी कयासों को विराम लगा देगा। रिजल्ट आने के बाद स्कूल के शिक्षक अब मयंक की तारीफ करते नहीं थक रह्वहे।

प्रविष्ट कुमार शर्मा
प्रविष्ट का दाखिला एलपीएस में कक्षा एक में हुआ था। आज प्रवेश ने अपने स्कूल की हर गतिविधियों में भाग लेकर अपना एक अलग स्थान बना लिया है। दौड़ और खेल प्रतियोगिताओं में प्रवेश को मेडल देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा अन्य दो प्रतियोगिताओं में प्रमाण पत्र दिए गए। प्रविष्टï ने ये साबित कर दिया कि अवसर मिले तो हर बच्चा कुछ खास कर सकता है। महज गरीबी को आधार मानकर दाखिले से इनकार करना सही नहीं है।  

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