कभी छात्र तो कभी प्राध्यापक लगा रहे हैं मेडिकल कॉलेज की साख पर बट्ïटा

-रोहित
Captureलखनऊ। एक तरफ जहां केजीएमयू चिकि त्सा के हर क्षेत्र में बुलंदियों को छू रहा है वहीं दूसरी ओर यहीं के छात्रों और प्राध्यापकों की ओर से संस्थान की लगातार छवि धूमिल करने की कोशिश की जा रही है। हैरत की बात ये है कि लगातार केजीएमयू के दामन पर दाग लगते जा रहे हैं बावजूद इसके इन चीजों से बचने के लिए केजीएमयू के पास कोई ठोस योजना नहीं है। अभी हाल में ही करियर 360 नामक पत्रिका ने केजीएमयू को देश के टॉप मेडिकल कॉलेजों में दूसरा स्थान दिया है। ग्रेडिंग का आधार मेडिकल कॉलेज में शिक्षण व्यवस्था, रिसर्च, परीक्षा का परिणाम, ओपीडी, इंडोर का रिजल्ट आदि था। बीते सोमवार को सीपीएमटी परीक्षा को लीक करने की फिराक में पकड़े गये 12 लोगों में दो आरोपी केजीएमयू के एमबीबीएस फाइनल ईयर के स्टूडेंट थे। हैरत की बात ये है कि दोनों में से एक आरोपी अभिमन्यु सिंह को मध्य प्रदेश एसटीएफ व्यापमं मामले में पूछताछ के लिए उठा चुकी है। मध्य प्रदेश व्यापारिक परीक्षा मंडल की प्रतियोगी परीक्षा में अभिमन्यु पर सॉल्वर के रूप में परीक्षा देने का आरोप लगा था हालाकि कोई ठोस सुबूत न मिलने पर एमपी एसटीएफ ने अभिमन्यु सिंह को छोड़ दिया था।
नहीं दिया गया ध्यान
व्यापमं की प्रतियोगी परीक्षा में सॉल्वर की भूमिका निभाने का आरोप लगाने के बाद अभिमन्यु सिंह पर केजीएमयू प्रशासन की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया गया है। सूत्रों की मानें तो सीपीएमटी की परीक्षा के दो दिन पहले से वह गायब रहा इसके बावजूद केजीएमयू प्रशासन का ध्यान उस पर नहीं गया। सीपीएमटी परीक्षा वाले दिन केजीएमयू की ओर से आदेश जारी किया गया था कि सभी मेडिकोज को इस दिन क्लास में मौजूद रहना है। इसके बावजूद संदिग्ध लोगों के न उपस्थित रहने पर ध्यान नहीं दिया गया।
लगातार छवि हो रही धूमिल
पिछले कई सालों से तमाम मामलों में केजीएमयू के डॉक्टरों और मेडिकोज का नाम प्रकाश में आया है। इससे पहले माइक्रोबायोलॉजी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. केपी सिंह पर एमबीबीएस में एडमिशन के नाम पर छात्रों से वसूली करने का आरोप लगा था। जिसके तार गाजियाबाद में सीपीएमटी परीक्षा के लीक मामले से जुड़ रहे थे। इसके बाद व्यापमं प्रतियोगी परीक्षा में कई बार मध्य प्रदेश एसटीएफ ने केजीएमयू आकर कई छात्रों को पूछताछ के लिए उठाया था। अब सीपीएमटी-2015 में दो छात्रों का पकड़े जाने से लगातार केजीएमयू की छावि धूमिल हो रही है।

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