कब स्वाभिमान जागेगा हमारे नेताओं का…

मैं आज तक समझ नहीं पाया कि सत्ता आते ही लोगों के सुर इतनी जल्दी कैसे बदल जाते हैं। क्या राजनेताओं का यह पेशा बन गया है कि पहले लोगों की भावनाओं को भडक़ाओ और फिर सत्ता पाते ही अपने सुर बदल लो। आम आदमी राजेनताओं के इस आचरण से आहत हो गया है। वह समझ ही नहीं पा रहा कि आखिर यह बदलाव कब तक रहेगा।

sanjay sharma editor5देश एक बार फिर गुस्से में हैं। गुस्सा अपने उस नपुंसक नेतृत्व के प्रति है जिसको अब देश की इज्जत की चिंता नहीं बची। मुट्ïठी भर आतंकी लगातार हमारी इज्जत से खिलवाड़ कर रहे हैं और हम एक सौ पच्चीस करोड़ के देश वाले लोग कायरता के साथ बैठे हैं। सिर्फ बैठे ही नहीं हैं बल्कि इन आतंकियों को शरण देने वाले देश के मुख्यिा को हम हैप्पी बर्थ डे कहने उनके घर जा रहे हैं। देश के प्रधानमंत्री से हम सबको बहुत उम्मीदें हैं। अब समय आ ही गया है कि आतंकियों और उनके आकाओं को समझ आ जाना चाहिये कि अब यह देश बदल रहा है। अब इनको आतंक का जवाब उन्हीं की भाषा में दिया जायेगा।
मैं आज तक समझ नहीं पाया कि सत्ता आते ही लोगों के सुर इतनी जल्दी कैसे बदल जाते हैं। क्या राजनेताओं का यह पेशा बन गया है कि पहले लोगों की भावनाओं को भडक़ाओ और फिर सत्ता पाते ही अपने सुर बदल लो। आम आदमी राजेनताओं के इस आचरण से आहत हो गया है। वह समझ ही नहीं पा रहा कि आखिर यह बदलाव कब तक रहेगा।
प्रधानमंत्री जी इस देश के लोगों ने बहुत बार अपने परिवार के लोगों का खून बहते देखा है। जब हेमराज का सिर काटकर पाकिस्तान के सैनिक ले गये थे तब देश के साथ आपका भी खून खौला था। आपने भी अपनी चुनाव रैलियों में कहा था कि अब इस देश के किसी नौजवान की तरफ कोई आंख उठाकर नहीं देख पायेगा।
हमको यकीं था कि आप कुर्सी संभालने के बाद इस देश के स्वाभिमान की रक्षा करेंगे। मगर आप खुद पाकिस्तान पहुंच गये, ऐसे मुल्क के पीएम को हैप्पी बर्थ डे कहने जिसने हमेशा हमारी पीठ में छूरा घोंपा है। हमने आपके इस कदम को भी विदेश नीति का हिस्सा माना मगर पठानकोट में मारे गये सातों सैनिकों के परिजन अब सवाल कर रहे हैं कि आखिर इस देश के स्वाभिमान की रक्षा कौन करेगा? बताइये प्रधानमंत्री जी उनको क्या जवाब दें? यह देश अपने स्वाभिमान के साथ ही जिया है और इस देश के लोग अब अपने स्वाभिमान के साथ ही जीना चाहते हैं। अगर हमारे देश के नेतृत्व को यह बात समझ आ जाये तो इस देश पर आंख उठाने से पहले लोग हजार बार सोचेंगे। प्रधानमंत्री जी अब भी मौका है इस देश के नायक बनिये और उन लोगों को सबक सिखाइये जो हमारे स्वाभिमान के साथ खिलवाड़ करने की सोचते हैं।

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