कप्तान साहब! जब बहादुर महिला सिपाही आत्महत्या कर लेगी तब होगी कार्रवाई

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। जब एक दबंग व्यक्ति किसी को आत्महत्या करने के लिए उकसाता है तो वह पुलिस की शरण लेता है। पुलिस उसकी मदद करती है। लेकिन यहां तो उल्टा है। महिला थानाध्यक्ष गीता द्विवेदी की शह पर जहां कुछ महिला सिपाही थाने में कार्यरत महिला सिपाहियों को खुलेआम गाली देती हैं वहीं गीता द्विवेदी की तानाशाह की भूमिका से एक बहादुर महिला सिपाही सुनीता तिवारी आत्महत्या करने के कगार पर है। बहादुर महिला सिपाही इसकी शिकायत सीओ हजरतगंज से की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह प्रकरण उच्च अधिकारियों की नजर में भी है लेकिन सभी लोग चुप्पी साधे हुये हैं। सूत्रों का कहना है कि यदि इस मामले को गम्भीरता से नहीं लिया गया तो जल्द ही कोई बड़ी घटना होगी। इसके बाद यदि कप्तान साहब कोई कार्रवाई करेंगे तो उसका कोई मतलब नहीं होगा।
बता दें कि सुनीता तिवारी को बहादुरी के लिये सपा सुप्रीमो और उनकी पुत्रवधु अपर्णा और उनके पति प्रतीक यादव ने सम्मानित कर चुके है। इसके बाद भी महिला थानाध्यक्ष उसका मानसिक और शारिरिक शोषण कर रही है। इसकी शिकायत सुनीता ने एक सप्ताह पूर्व सीओ हजरतगंज से की थी। लेकिन जांच के नाम पर इस फाइल को दबा दिया गया। शुक्रवार की देर शाम एएसपी पूर्वी राजीव मल्होत्रा अपने कार्यालय में बैठाकर महिला थानाध्यक्ष और महिला पुलिसकर्मियों के साथ मीटिंग कर रहे थे। मीटिंग समाप्त होने पर जब सभी बाहर आये तो कुठ महिला सिपाहियों ने गाली देना शुरु कर दी। महिलाओं के बीच गाली-ग्लौज होने से हर कोई सन्न रह गया। कुछ महिला सिपाहियों ने इसकी सूचना फिर एएसपी पूर्वी और सीओ हजरतगंज से की लेकिन सभी को सुबह तक रूकने का आश्वासन दिया गया। इससे पहले भी एएसपी पूर्वी और हजरतगंज सीओ ने कई बार महिला गीता द्विवेदी के साथ बैठक कर उनको समझाने का प्रयास किया है लेकिन गीता द्विवेदी के ऊपर कोई असर नहीं पड़ा। गीता द्विवेदी यह कहते हुये कई बार सुनी गई है कि उनको थानाध्यक्ष के पद से कोई हटा नहीं सकता है। फिलहाल जो भी लेकिन गीता द्विवेदी के कारण महिला थानाध्यक्ष थाना न होकर गाली-ग्लौज का घर बन गया है। महिला सिपाही आपस में तो गाली-गलौज करती ही है, फरियादियों के साथ भी बदसलूकी करने से बाज नहीं आती।

अवकाश रजिस्टर में कर दी गई ओवर राइटिंग
सुनीता तिवारी अवकाश पर है। इसके बाद चोरी से उसके अवकाश रजिस्टर में ओवर राइटिंग कर दी गई है। सवाल उठता है कि यदि सुनीता ने ऐसा किया होता तो एसओ हस्ताक्षर करने से पहले से उसे ओवर राइटिंग के पास हस्ताक्षर कहने को कहती है। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सुनीता के अवकाश पर चले जाने के कारण उसमें ओवर राइटिंग की गई है। सुनीता ने साफ तौर पर कहा है कि गीता द्विवेदी की चाल है। गीता द्विवेदी इस तरह का कुकृत्य कराकर या स्वयं उसे प्रताडि़त करती रहती है।

Pin It