ऑस्टियोपोरोसिस है साइलेंट किलर, कोल्ड ड्रिंक व एसी बन रही खास वजह

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। वर्तमान में युवाओं में हड्ïडयां कमजोर होने के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। जो चिंता का विषय है। मेडिकल में इस तरह की बीमारी को ऑस्टिोपोरियस के नाम से जाना जाता है। वैसे तो यह बीमारी 40 की उम्र के बाद देखने का मिलती है लेकिन अब यह नौजवानों में तेजी से फैल रही है। यह कहना है राजधानी के मशहूर डॉक्टर व आसरा पॉलीकेयर के प्रोफेसर डॉ. शकील अहमद किदवई का। उन्होंने बताया कि घंटों एसी में बैठने, धूप में न निकलने ओर कोल्ड ड्रिंक का सेवन ज्यादा करने से नौजवान इस बीमारी को तेजी से दावत दे रहे हैं।

इससे बचने के लिए कैल्शियम से भरपूर खाद्य पदार्थों को अपने दैनिक भोजन का हिस्सा बनाने से ऑस्टियोपोरोसिस जैसी घातक बीमारी से बचा सकता है। ये आहार बढ़ते बच्चों के साथ ही बुढ़ापे की ओर बढ़ रहे लोगों के लिए फायदेमंद होता है।

क्या कहते हैं आंकड़े
50 साल की आयु पार कर चुके 12 में से एक पुरूष और तीन में से एक महिला ऑस्टियोपोरोसिस से पीडि़त है। 80 फीसदी स्पाइनल फ्रैक्चर की वजह ऑस्टियोपोरोसिस है। ऑस्टियोपोरोसिस से पीडि़त 50 फीसदी महिलाओं में विटामिन-डी की कमी पाई जाती है। नेशनल ऑस्टियोपोरोसिस फाउंडेशन के अनुसार हर साल ऑस्टियोपोरोसिस करीब 1 करोड़ लोगों को अपना शिकार बनाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के अनुसार भारत में 50 साल से अधिक उम्र की महिलाओं में से हर दूसरी महिला ऑस्टियोपोरोसिस की शिकार है।
आमतौर पर ऑस्टियोपोरोसिस के कोई लक्षण दिखता नहीं है। बस हड्डिïयों के फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है। ऑस्टियोपोरोसिस उन परिस्थियों में होता है जिसमें सामान्य स्वास्थ्य के लोगों की हड्डिïयां नहीं टूटती इसलिए इसे फ्रेजाइल फ्रैक्चर कहते हैं। यह मुख्यत: रीढ़ की हड्डिïयों, पसलियों, कूल्हों और कलाइयों में होता है।

हॉर्माेन की कमी शरीर में कैल्शियम और विटामिन डी की कमी =थॉयराइड की समसया व आनुवांशिक कारण =हड्डिïयों का कैंसर =बढ़ती उम्र और अत्यधिक भार
दवाइयों का अत्यधिक सेवन -धूप्रपान व शराब का अधिक सेवन।
कैसे करें रोकथाम
ऑस्टियोपोरोसिस -स्वस्थ जीवनशैली अपनायें -संतुलित भोजन करें। महिलाएं विशेष रूप से अधिक कैल्शियम और विटामिन डी युक्त भोजन करें -नियमित रूप से सुबह धूप में रहे -नियमित व्यायाम करें।

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