ऐशबाग रामलीला: आधुनिक तकनीकी से जीवंत होंगे राम-रावण युद्ध के द्श्य

ऐश्वर्या गुप्ता

captureलखनऊ। ऐशबाग की प्रसिद्ध रामलीला में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन पर खास कार्यक्रम किए जाएंगे। आधुनिक तकनीकी से यहां राम-रावण युद्ध को जीवंत किया जाएगा। इससे रामलीला के मंचन में चार चांद लगेंगे वहीं विभिन्न लोक कलाओं का भी प्रदर्शन किया जा रहा है। इन विधाओं से मंच पर एक लघु भारत और अवध के दर्शन होंगे। कलाकार भी प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर उत्साहित है और अपनी विधा के बेहतर प्रदर्शन के लिए दिन रात मेहनत कर रहे हैं। आयोजक समिति ने भी पीएम के स्वागत का पलक-पांवड़े बिछा दिए हैं।
रामलीला के अलग-अलग रंग और रूप के बारे में लोगों ने देखा और सुना होगा लेकिन लखनऊ की प्रसिद्ध ऐशबाग की रामलीला की बात ही निराली है। कहा जाता है कि यही देश की सबसे पुरानी रामलीला है और असल में रामलीला की शुरुआत भी यहां करीब 500 साल पहले हुई थी। अंग्रेजों से पहले जब देश में मुगलों का शासन था, उस वक्त भी ऐशबाग की रामलीला मशहूर हुआ करती थी। खास बात यह भी है कि ऐशबाग रामलीला मैदान के ठीक सामने लखनऊ की सबसे बड़ी ईदगाह मस्जिद है। ऐशबाग मुस्लिम इलाके में है और यहां पर रामलीला देखने आने वालों में बड़ी संख्या में मुस्लिम भी होते हैं। एक समय था जब ऐशबाग के रामलीला मैदान में असली हाथी घोड़ों के साथ रामलीला होती थी, लेकिन अब यहां पर मंच बनाकर हाईटेक तकनीकी से इसका शानदार मंचन किया जाता है। रामलीला में प्राचीन संस्कृति के अभिनय के साथ-साथ गायन ,लोकनृत्य ,नृत्य नाटिका, लघु नाटिका जैसी कलाओं का खूबसूरत संगम देखने को मिलेगा।

क्या रहेगा खास

मंच को काफी खूबसूरती के साथ सजाया गया है। मंच पर थ्री डी का भी लुक है। जिसके इफेक्ट से लीला की कोई घटना, या युद्ध का असली दृश्य का अनुभव दर्शकों को कराया जा रहा है। मसलन इसकी मदद से गंगा पार का दृश्य, सीता हरण, सोने का हिरण, आकाश में मेघनाथ का अदृश्य हो जाना, हनुमान का समुद्र लांघना, कुम्भकरण का आकार बढ़ाना, आसमान में पुष्पक विमान का उडऩा, तीरों का टकरा कर वापस आना, रावण के पेट में 31 बाणों का जाना भी दिखाया जाएगा। सीता के धरती में समा जाने के समय धरती फटने के दृश्य भी दर्शक असली अनुभव करेंगे।

121 फीट का रावण का पुतला

दशहरा पर इस साल रावण का पुतला 121 फीट का होगा। वह पूरी तरह राजसी वस्त्रों और अस्त्र-शस्त्रों से लैस होगा। पटाखों का खास इंतजाम किया गया है।

भव्य होगा भरत मिलाप

्आयोजक आदित्य बताते हैं कि इस साल श्रीराम लीला समिति ऐशबाग की राम लीला में कोलकाता की टीम के साथ थाईलैंड की टीम भी शामिल होगी । जिन्हें भरत मिलाप शोभा यात्रा में देखा जा सकेगा ।
पीएम मोदी के आगमन पर रामलीला के कलाकार खुश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन पर रामलीला में अभिनय करने वाले कलाकार काफी खुश और उत्साहित है। राम का किरदार निभाने वाले कलकत्ता से आये प्ररीथीजीत शाह कहते हैं कि पहले तो मुझ यकीन नही हुआ था कि मोदी जी हमारा मंचन देखने आयेंगे। मैं बहुत खुश हूं। उम्मीद है कि उन्हें हमारा अभिनय पसंद आयेगा। सीता का किरदार निभा रहीं प्रियंका बसु ने कहा कि मोदी जी देश के लिए आज जो कुछ भी कर रहे हैं वह काबिले तारीफ है। हम सबको उनके यहां आने की बेहद खुशी है। इस रामलीला को भास्कर र्निदेशित कर रहे हैं।

ऐसे हुई शुरूआत

रामलीला लोक नाट्य का एक रूप है। कहते हंै कि रामलीला का मंचन तुलसीदास के शिष्यों ने सबसे पहले किया था। ऐसा भी कहा जाता है कि उस दौरान काशी नरेश ने रामनगर में रामलीला कराने का संकल्प लिया था, तभी से यह प्रचलन देशभर में शुरू हुआ था। यह रामचरित मानस की कहानी पर आधारित है।

मोदी को में भेंट दिया जाएगा तीर-धनुष

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 11 अक्टूबर को राजधानी के ऐशबाग रामलीला में शिरकत करेंगे। रामलीला का आयोजन कराने वाले आदित्य द्विवेदी ने बताया कि मोदी का स्वागत केसरिया साफा बांध कर किया जाएगा। उन्हें तीर-धनुष और गदा भेंट की जाएंगी। साथ ही रामनामी दुपट्टा दिया जाएगा। उन्हें पीतल की गदा और रामचरितमानस भी भेंट में दी जाएगी। मोदी के लिए अलग मंच तैयार किया जा रहा है। आदित्य बताते हैं कि लगभग 45 मिनट तक मोदी रामलीला देखेंगे।

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