ऐशबाग में बनेगा शहर का पहला हाईटेक स्लाटर हाउस

12 करोड़ की लागत से बनने वाले स्लाटर हाउस में ब्लड शुद्घ करने के लिए लगेगा ट्रीटमेंट प्लांट
अक्टूबर में टेंडर होने के बाद कंस्ट्रक्शन कंपनी एक साल तक करेगी स्लाटर हाउस का संचालन

capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। ऐशबाग के मोतीझील क्षेत्र में बहुत जल्द हाईटेक स्लाटर हाउस बनाने का निर्णय लिया गया है। इसमें करीब 12 करोड़ रुपये की लागत आयेगी लेकिन सरकार ने प्रस्ताव पर मुहर लगने के बाद 5 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत कर दी है। इसलिए अक्टूबर महीने में टेंडर होने के बाद कंस्ट्रक्शन कंपनी स्लाटर हाउस के संचालन का काम शुरू कर देगी। वहीं स्लाटर हाउस की दुर्गंध की वजह से परेशान रहने वाले लोगों को भी राहत मिलेगी।
स्लाटर हाउस से निकलने वाली दुर्गंध से आस-पास रहने वाले दर्जनों परिवार परेशान रहते थे। इसका क्षेत्रीय पार्षद समेत कई लोग विरोध कर चुके थे। इसलिए समस्या को गंभीरता से लेकर समाधान निकालने का प्रयास किया गया। सरकार ने ऐशबाग में हाईटेक स्लाटर हाउस बनाने का निर्णय लिया है। राजधानी का पहला हाईटेक स्लाटर हाउस बनाने के लिए प्रस्तावित लगभग 12 करोड़ की जगह शासन ने 5 करोड़ की धनराशि अवमुक्त कर दी है। हाईटेक स्लाटर हाउस के निर्माण के लिए टेंडर चार अक्टूबर को डाले जाएंगे। इतना ही नहीं स्लाटर हाउस की कंसल्टेंट कंपनी का चयन भी कर लिया गया है, जो स्लाटर हाउस की डिजाइनिंग का कार्य करेगी। कंस्ट्रक्शन कंपनी को एक वर्ष तक स्लाटर हाउस का संचालन करना होगा। कंपनी द्वारा स्लाटर हाउस की स्वच्छता और सुरक्षा का ध्यान रखा जायेगा। कंपनी को ही स्लाटर हाउस के ब्लड को शुद्घ करने के लिए ट्रीटमेंट प्लांट लगाना होगा। इस स्लाटर हाउस की विशेषता यह है कि इसे भारत के विभिन्न राज्यों में स्थित स्लाटर हाउस के मानकों पर बनाया जा रहा है।

प्रदेश का तीसरा हाईटेक स्लाटर हाउस
स्लाटर हाउस के उच्चीकरण करने के लिए नगर निगम को शासन की ओर से पांच करोड़ रुपये की धनराशि दी गई है। आगरा और अलीगढ़ के बाद प्रदेश का तीसरा हाईटेक स्लाटर हाउस ऐशबाग स्थित मोतीझील इलाके में बनाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। ऐशबाग क्षेत्र में पुराने स्लाटर हाउस को बंद कर 8900 वर्र्गमीटर के विस्तृत क्षेत्र में हाईटेक स्लाटर हाउस का निर्माण कार्य कराया जाएगा। स्लाटर हाउस को बनाने के लिए जीके सेन परमर्शी कंपनी का चयन किया जा चुका है। कंपनी द्वारा हाईटेक स्लाटर हाउस डिजाइन व कार्यवृत्त तैयार कर नगर निगम के समक्ष पेश कर दिया गया है।

टेंडर की तिथि घोषित
नगर निगम के अफसरों की मानें तो यह हाईटेक स्लाटर हाउस का बजट लगभग 12 करोड़ रुपये का है, जिसका निर्माण रिटर्न के आधार पर किया जाएगा। टेंडर प्रक्रिया की शुरुआत कर दी गई है। चार अक्टूबर को टेंडर डाले जाएंगे। टेंडर के द्वारा चुनी जाने वाली कंपनी को निश्चित अवधि में निर्माण करना होगा। गौरतलब है कि मोतीझील के पुराने स्लाटर हाउस से क्षेत्रवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। स्लाटर हाउस से निकलने वाली गंध से क्षेत्र के लोग हलकान थे। यही नहीं भारी परेशानी के चलते क्षेत्रीय पार्षद ममता चौधरी द्वारा भी इसका विरोध कई बार किया जा चुका था। इसलिए हाईटेक स्लाटर हाउस बनाने का प्रस्ताव तैयार किया गया। इसे शासन ने भी अपनी स्वीकृति दे दी।

कंस्ट्रक्शन कंपनी करेगी एक वर्ष तक संचालन
कंस्ट्रक्शन कंपनी को एक वर्ष तक स्लाटर हाउस का संचालन करना होगा। कंपनी द्वारा स्लाटर हाउस की स्वच्छता और सुरक्षा का ध्यान रखा जायेगा। कंपनी को ही स्लाटर हाउस के ब्लड को शुद्घ करने के लिए ट्रीटमेंट प्लांट लगाना होगा। इस स्लाटर हाउस की विशेषता यह है कि इसे भारत के विभिन्न राज्यों में स्थित स्लाटर हाउस के मानकों के आधार पर बनाया जा रहा है।

क्या कहते हैं अधिकारी

मोतीझील के हाईटेक स्लाटर हाउस के लिए 5 करोड़ की धनराशि जारी की गई है। स्लाटर हाउस के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया का कार्य शुरू कर दिया गया है। 4 अक्टूबर को टेंडर जारी किये जाएंगे। निर्माण कार्य करने वाली कंपनी को एक वर्ष तक स्लाटर हाउस को संचालित करना होगा।
-एसके जैन, प्रोजेक्ट अधिकारी, नगर निगम

मोतीझील के पुराने स्लाटर हाउस से क्षेत्रवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। स्लाटर हाउस से निकलने वाली गंध से क्षेत्र के लोगों को काफी दिक्कते होती थी, लेकिन जब से इन लोगों को पता चला है कि नये स्लाटर हाउस का निर्माण शीघ्र होने जा रहा है। लोगों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है।
-ममता चौधरी
पार्षद, नगर निगम

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