एसएसपी ने कहा, इसमें नया क्या वो भी नदी में नहाते थे नंगे

नदी पार कर पढऩे जा रही लड़कियों के सामने नंगे होकर छेडख़ानी करते थे लडक़े, शिकायत करने पर

H1छेड़छाड़ से दुखी होकर सैकड़ों लड़कियों ने छोड़ा स्कूल

नदी पार करके पढऩे जाती थी शेरगढ़ की सैकड़ों बहादुर लड़कियां

कुछ लडक़े नंगे नहाते हुए छींटाकशी करते थे लड़कियों पर

इन शोहदों के कारण लड़कियों ने छोड़ दिया स्कूल जाना

महिला आयोग ने दिखाया नाकारापन, लड़कियों से कहा शिकायत करने से होगी बदनामी

शर्मनाक

 संजय शर्मा
लखनऊ। यह एक ऐसा शर्मनाक वाकया था जिसके सामने आने पर सभ्य समाज के किसी भी व्यक्ति को शर्म आ जाए। बरेली जनपद के शेरगढ़ क्षेत्र में नदी पार करके बहादुर लड़कियां स्कूल में पढऩे जाती थी और नदी किनारे लडक़े खड़े होकर उन पर फब्तियां कसते और कटाक्ष करते। जब इनका किसी स्तर पर विरोध नहीं हुआ तो इन लडक़ो के हौसले बढ़ते चले गये और कुछ दिनों बाद इन्होंने लड़कियों को देखकर अपने सारे कपड़े उतार कर नदी में नहाना शुरू कर दिया।
शर्म और भय के कारण चार सौ से अधिक लड़कियों ने स्कूल जाना ही छोड़ दिया। जिन पर इन बिगडै़ल लडक़ो को सुधारने की जिम्मेदारी थी। उन एसएसपी धर्मवीर यादव ने कहा कि इसमें नया क्या है जब वह गंगा में नहाते थे तो वह भी नंगे नहाते थे। जब यह मामला टीवी चैनलों की सुर्खियां बना तो साध्वी प्राची ने भी इस बहती गंगा में हाथ धोना बेहतर समझा और लडक़ों के एक धर्म विशेष होने के कारण एक तीखा बयान दिया। दूसरी ओर स्थानीय सांसद केन्द्रीय कपड़ा मंत्री संतोष गंगवार ने जब इस घटना का तीखा विरोध किया तो प्रशासन को समझ में आया कि यह घटना ज्यादा तूल पकड़ सकती है, तो फिर आनन-फानन में 5 युवकों को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया।
सूबे के मुखिया मुख्यमंत्री अखिलेश यादव लगातार बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए हमारी बेटी उसका कल जैसी कई योजनाए चला रहे हैं। सीएम की पत्नी डिंपल यादव भी लगातार लड़कियों की शिक्षा को लेकर चिंतित रहती हैं और उन्हें पढ़ाने के कई कार्यक्रमों में अपना सक्रिय योगदान देती रहती हैं। ऐसे में चंद नाकारा अफसरों के कारण शेरगढ़ जैसी सैंकड़ों बच्चियां पढ़ाई से वंचित रह जाती हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सैंकड़ों बच्चियां अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करके पढ़ाई करने जाती हैं तो क्या हमारा नाकारा तंत्र उनको इतनी भी सुरक्षा नहीं दे सकता कि वह बेखौफ होकर पढऩे जा सकें। बेहतर हो कि इन बच्चियों की शिक्षा के लिए शेर गढ़ में ही स्कूल खोला जाय और इन्हें शर्मनाक स्थिति में लाने वाले शोहदों को ऐसा दंड दिया जाय कि भविष्य में किसी बच्ची को छेडऩे की जुर्रत न कर सके।

बरेली के एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव का यह पहला कारनामा नहीं है। जब वे मथुरा में तैनात थे तो एक स्टिंग आपरेशन में उनकी नौकरी जाते-जाते बची थी। अलीगढ़ में उनकी तैनाती के दौरान छात्रों और वकीलों को धमकी देने का मामला खासा तूल पकड़ गया था। मुरादाबाद में मंदिर में लाउडस्पीकर उतारने को लेकर हुए बवाल के बाद इनके खिलाफ काफी दिनों तक आंदोलन हुआ था। चुनाव आयोग ने चुनाव के दौरान इनको पद से हटाया था। बरेली में भी इस मामले में इनके शर्मनाक बयान की चारों तरफ निंदा हुई। मामले के जबर्दस्त तूल पकडऩे के बाद ही इन्होंने कार्यवाही की।

यह घटना बेहद शर्मनाक है। जैसे ही मेरे संज्ञान में यह मामला आया मैंने तुरन्त एक कमेटी बना कर लोगों को शेरगढ़ भेजा और प्रशासन से भी कहा कि ऐसे बिगड़ैल युवकों को दंडित किया जाना चाहिये। हर हालत में सुनिश्चित करेंगे कि बच्चियां पहले की तरह स्कूल पढऩे जाए।
-संतोष गंगवार
केन्द्रीय कपड़ा मंत्री

मुझे जैसे ही इस घटना की जानकारी मिली मैंने तुरंत अपनी टीम घटनास्थल पर भेजी और लगातार अपने चैनल पर इस खबर को दिखाना शुरू किया। प्रशासन को जैसे ही इस घटना की जानकारी मिली थी। उन्हें तुरंत इस घटना पर एक्शन लेना चाहिये था। निश्चित रूप से प्रशासन ने इसमें नकारापन का परिचय दिया।
-उन्मुक्त मिश्रा
स्टेट हेड न्यूज नेशन

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