एलयू में 33 प्रतिशत सीटें बढ़ाने को मिली हरी झंडी

  • एलयू के साथ कॉलेजों में भी नहीं चलेंगी
  • इवनिंग कक्षाएं एमफिल व पीएचडी में प्रवेश के लिए लम्बा इंतजार

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्घ राजधानी के डिग्री कॉलेजों में स्नातक कक्षाओं में 33 प्रतिशत सीटें बढ़ाने को एडमिशन कमेटी की बैठक में हरी झंडी दे दी गई है। वहीं इवनिंग कक्षाओं को चलाने पर मुहर नहीं लगाई है। साथ ही पीएचडी व एमफिल में प्रवेश प्रक्रिया पर भी मुहर लगाई गई है। आवेदकों को थोड़े इंतजार के बाद पीएचडी व एमफिल मिलेगा।
सोमवार को विश्वविद्यालय की प्रवेश समिति की बैठक में कई अहम मामले पर निणर्य लिया गया। कमेटी में कई माह से अटके पड़े मामले थे जिनमें कॉलेजों में 33 प्रतिशत सीटें बढ़ाने का मामला अहम था। कमेटी में तय हुआ कि कॉलेजों में जिन कोर्सेज में 60 सीट का एक सेक्शन है वह उसे 80 सीट का कर लें, लेकिन जिन डिग्री कॉलेजों में पहले से 80 सीटों का एक सेक्शन है, वह सीट बढ़ाने के लिए कुलपति प्रो. एसबी निमसे विशेष अनुमति लेंगे। इस प्रकार की समस्या बीकाम कोर्स चलाने वाले कॉलेजों में अधिक देखने को मिल रही है,जो सेल्फ फाइनेंस के तहत कोर्स चला रहे हैं। आइटी कॉलेज में बीकाम कोर्स में एक-एक सेक्शन 80 सीट का है, ऐसे में इसने एक नया 80 सीटों का सेक्शन बढ़ाने की अनुमति मांगी है,जिस पर कमेटी ने यह फैसला लिया है कि हफ्ते भर के भीतर इन कॉलेजों में जरूरी संसाधनों की जांच की जाएगी। सुविधा उपलब्ध होने पर ही अंतिम फैसला दिया जाएगा। वहीं प्रवेश समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. एसबी निमसे ने कॉलेजों को निर्देश दिए हैं कि बिना संसाधनों के किसी प्रकार से अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ जो कॉलेज इच्छुक हैं वह सीट बढ़ाने के लिए लिखित पत्र देकर अनुमति मांगे।
एलयू में नहीं चलेगी इवनिंग कक्षा
कमेटी ने इवनिंग कक्षा के विषय में फैसला लेते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में इवनिंग कक्षाएं नहीं चलाई जाएंगी। इसके अलावा जो कॉलेज इवनिंग कक्षाएं चलाते थे उन्हें भी बंद करनी होगी। क्योकि इवनिंग कक्षाएं चलाने के लिए विवि के पास पर्याप्त संसाधनों की कमी हैं। ऐसे में कक्षा चलाकर केवल खानापूर्ति होगी। सूत्रों की माने तो बैठक में यह तय किया गया कि इवनिंग कक्षाएं चलाने के लिए अभी उपलब्ध संसाधन जुटाने में समय लगेगा, ऐसे में इसे फिलहाल नहीं चलाया जाएगा। वहीं पीएचडी व एमफिल कोर्सेज में दाखिले विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा बनाए गए नए नियमों के तहत ही होंगे। ऐसे में अब इनमें दाखिले के आवेदन फॉर्म करीब एक महीने बाद ही जारी हो पाएंगे। क्योंकि इन्हें बोर्ड ऑफ स्टडीज, फैकल्टी बोर्ड व एकेडमिक काउंसिल से पास करवाने की औपचारिकता पूरी करने में समय लगेगा।

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