एलयू में स्कालरशिप की धांधली पर लगेगी रोक

यूजीसी सीधे शोधार्थियों के अकाउंट में करेगा पैसा ट्रांसफर
एक सप्ताह में प्रोफार्मा भरकर भेजा जाएगा यूजीसी को

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। एलयू में छात्रों को समय से स्कॉलरशिप नहीं मिल पाती है, इसके लिए कई बार छात्रों ने प्रदर्शन भी किया। उससे बड़ी समस्या स्कॉलरशिप में किये जा रहे घोटाले की भी है, जिसे देखते हुए अनुदान आयोग अब रिसर्च स्कॉलर्स की स्कॉलरशिप लखनऊ विवि को नहीं देगी। बल्कि यह स्कॉलरशिप अब सीधा उनके अकाउंट में भेजी जाएगी। यूजीसी ने दो दिन पहले एलयू को एक प्रोफार्मा भेजा है।
2012 के पहले के जितने भी जेआरएफ या एसआरएफ हैं उनके बैंक अकाउंट संबंधी डिटेल एलयू को यूजीसी को भेजनी है। छात्रों का कहना है कि यह एक अच्छी प्रक्रिया है। इससे छात्रों को लाभ मिलेगा। एलयू में छात्रों को समय से स्कॉलरशिप नहीं दी जाती है। इसको लेकर कई बार छात्रों ने प्रदर्शन भी किया। 2012 के पहले के लगभग 500 ऐसे जेआरएफ या एसआरएफ हैं जिन्हें पिछले एक साल से स्कॉलरशिप नहीं मिली हैं। छह महीने पहले शोधार्थियों ने इसको लेकर विवि में प्रदर्शन भी किया था। इसके बाद सितंबर में लविवि ने अपने फंड से 3 महीने की स्कॉलरशिप दी थी। इसके बावजूद छात्रों की छह महीने से अधिक की स्कॉलरशिप बाकी है। लविवि के रिसर्च स्कॉलर अनिल यादव ने बताया कि फंड न मिलने से हमारा रिसर्च वर्क प्रभावित हो रहा है। हमारे जो काम हैं वो रुके हुए हैं। इसके लिए विवि प्रशासन से कई बार कहा जा चुका है। हालांकि अब यूजीसी ने डेटा ऑनलाइन करने के लिए कहा है इससे उम्मीद है कि जल्द ही स्कॉलरशिप मिल जाएगी।
विवि के वित्ताधिकारी सुरेश चंद्र उपाध्याय ने बताया कि यूजीसी ने हमें सभी छात्रों का प्रोफार्मा भराने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। इसके तहत हम साल के अंत तक यह प्रोफार्मा यूजीसी को भेज देंगे। उम्मीद है कि जिन शोधार्थियों की स्कॉलरशिप बैंक अकाउंट ऑनलाइन न होने के कारण रुकी है उन्हें जनवरी तक स्कॉलरशिप मिल जाएगी। हालांकि यूजीसी की यह व्यवस्था काफी हद तक शोधार्थियों के लिए बेहतर है। क्योंकि अब उन्हें विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। यूजीसी सीधे उनके अकाउंट में पैसा ट्रांसफ र कर देगा।

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