एलयू में फर्जी नियुक्ति

  • टैगोर लाइब्रेरी में करीब एक हफ्ते से समूह-ग के पद पर कार्य कर रही है एक महिला

Captureरोहित सिंह
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय की टैगोर लाइब्रेरी में फर्जी नियुक्ति का मामला सामने आया है। यहां पर करीब एक हफ्ते से एक महिला काम कर रही है। उसका कहना है कि उसे रजिस्ट्रार की ओर से नियुक्ति मिली है लेकिन नियुक्ति का कोई भी कागज उसके पास मौजूद नहीं है।

हैरानी की बात ये है कि पिछले एक वर्ष से समूह-ग के लिए कोई वैकेंसी नहीं निकाली गई हैं। ऐसे में महिला की नियुक्ति भर्ती प्रक्रिया पर सवालिया निशान खड़े करती है। महिला की नियुक्ति को लेकर टैगोर लाइब्रेरी के कर्मचारी ही सवाल उठा रहे है हैं। कर्मचारियों का कहना है कि विश्वविद्यालय में किसी भी नियुक्ति से पूर्व उसकी सूचना समाचार-पत्रों में प्रकाशित की जाती है लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ है।
लखनऊ विश्वविद्यालय की टैगोर लाइब्रेरी में पिछले करीब एक हफ्ते से फराह हाशमी नाम की महिला काम पर आ रही है। उसका कहना है कि उसकी नियुक्ति रजिस्ट्रार की ओर से की गई है। जबकि पिछले करीब एक साल से इस तरह की कोई रिक्त पद की सूचना ही नहीं निकाली गई है। ऐसे में विवि प्रशासन की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई है। पिछले एक वर्ष से समूह-ग के पद पर कोई नियुक्ति ही नहीं निकाली गई तो फराह हाशमी को किस आधार पर रखा गया है। ऐसे में विश्विद्यालय की भर्ती प्रक्रिया पर संदेह जताया जा रहा है। लाइब्रेरी के कर्मचारियों का कहना है कि टैगोर लाइब्रेरी में ऐतिहासिक पुस्तकें रखी हुई हैं, इसके आलावा यह प्राचीन धरोहर है। इसके आलावा कर्मचारियों का कहना है कि यदि रजिस्ट्रार की ओर से वास्तव में निुयक्ति की गई है तो यह गलत है। भर्ती प्रक्रिया के मानकों को ताक पर रखकर ऐसा किया गया है। इस बारे में जब लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रवक्ता एनके पांडेय से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई तो मामले से संबंधित सवाल सुनकर उन्होंने फोन काट दिया। उसके बाद कई बार उनसे बात करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इस संबंध में एलयू के रजिस्टार अखिलेश मिश्रा ने बताया कि मेरी जानकारी में ऐसी कोई नियुक्ति नहीं हुई। लाइब्रेरी में जिस नियुक्ति की बात की जा रही है, उसके बारे में पता कराता हूं।

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