एलयू प्रशासन की उपेक्षा झेलने को मजबूर है अरेबिक विभाग

  • छात्रों की समस्याओं के निराकरण को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं अधिकारी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद से कई अलग-अलग भाषाओं को सीखाने के लिए यहां विभागों का निर्माण किया गया, जिनमें से अरबी और अरब कल्चर विभाग एक है। यह विभाग बेसमेंट में बनाया गया है। समय के साथ-साथ विभाग की हालत बद से बदतर होती जा रही हैं। वही बारिश के समय विभाग में पानी भरा रहता है। इसकी शिकायत कई बार कुलपति व अन्य जिम्मेदारों से की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
विश्वविद्यालय में ऐसी शिकायतों की दर्जनों अर्जियां कुलपति कार्यालय में धूल फांक रही हैं। विभागाध्यक्षों को ओर से की गयी शिकायत पर विवि के जिम्मेदार आंख और कान दोनों ही बंद किए रहते हैं। जिम्मेदारों के इस रवैये से तंग आकर विभागों के लोग छोटे-मोटे कामों को मजबूरन खुद ही करते हैं, लेकिन समस्या बड़ी होने पर विवि प्रशासन पर ही निर्भर रहने के लिए मजबूर हैं। विवि का ऐसा ही विभाग है अरबी एड अरब कल्चर जिसका निर्माण केनिन कालेज के समय किया गया था। जब केनिंग कॉलेज का नाम बदलकर लखनऊ विश्वविद्यालय किया गया, तो अन्य विभागों के विकास करने के दौरान इस विभाग को नजर अन्दाज़ कर शारीरिक शिक्षा विभाग के बेसमेंट में जगह दी गई। इस विभाग की मौजूदा स्थिति बद से बदतर हैं। विभाग बारिश के समय तालाब में तब्दील हो जाता है। इन समस्याओं के लिए निर्माण विभाग से लेकर कुलपति तक को कई बार पत्र लिखा गया है, लेकिन अब तक इसमें सुधार करना तो दूर हालात का मुआयना करने तक नहीं आये हैं।
विभाग के ऊपरी मंजिल से फेंका जाता है बचा हुआ खाना
शारीरिक शिक्षा विभाग के प्रथम तल पर हायर एजुकेशन की कक्षाएं चलती हैं। दूसरे तल पर शारीरिक शिक्षा विभाग का क्लास है। तीसरे फ्लोर पर कंडक्ट ऑफिस है। इसके अलावा हॉयर एजूकेशन के ट्रेनिंग प्रोग्राम के दौरान शिक्षकों के लिए खाने व नाश्ते का इंतजाम होता है। इस दौरान खाने बनाने वाले ऊपर से ही बचा हुआ खाना बेसमेंट में फेकते हैं, जिसकी सडऩे से विभाग में बदबू भरी रहती है। विभागाध्यक्ष ने कई बार इसकी शिकायत कुलपति से कर चुके हैं।
छत से टपकता है पानी
विभाग की लाइब्रेरी में कई दुर्लभ किस्म की किताबें व मैनुस्क्रिप रखी हैं। बीते दिनों हुई बारिश में लाइब्रेरी की छत से पानी टपक रहा था, जिसके कारण कई किताब पूरी तरह से भीग गई। लाइब्रेरियन की निगाह पड़ते ही अन्य स्टाफ की सहायता से उसे किसी तरह पोछ कर दूसरे स्थान पर रखवाया गया।
जाड़े में भी होती है छात्रों को दिक्कत
सूत्रों की माने तो किसी मौसम में विभाग में चैन नहीं मिल पाता। बारिश में पानी के जमाव की समस्या होती है तो अन्य मौसम में ऊपर से सड़े-गले खाने को लेकर उसकी बदबू बर्दाश्त करने लायक नहीं होती तो जाड़े के मौसम में सीलन और ठंड सांस लेने नहीं देती। रूम हीटर लगाकर भी बैठना दूभर हो जाता है।
विभाग को शिफ्ट करने के लिए कुलपति को लिखा पत्र
इन सारी समस्याओं का कोई हल न होता देख विभाग के लोगों ने एक बीच का रास्ता निकालते हुए कुलपति को पत्र लिखकर विभाग को ओएनजीसी बिल्डिंग में शिफ्ट करने को लेकर कुलपति को पत्र लिखा है। पत्र में विभाग की खस्ताहाल स्थिति से छात्रों को नुकसान पहुंचने के विषय में भी लिखा गया है।

मजबूर हैं छात्र

विभाग में अधिकतर क्लास रूम पूरी तरह से बोसिदा है। दिवारों में दीमक व प्लास्टर तक गिरते रहते हैं। वहीं बारिश में पानी बरसने पर क्लास में लगी हुई टूटी खिड़कियों से पानी क्लास में आता है। यहां तक कि किसी अनहोनी के डर से छात्र बारिश के मौसम में क्लास करने से बचते हैं। यह हाल केवल क्लास रूम का ही नहीं बल्कि विभागाध्यक्ष के कमरे का है, जहां दीवारों में लगी टाइल्स ने दीवार छोड़ दी है।

पत्र लिखने बाद नहीं लिया गया कोई निर्णय

विभागों की खराब हालत को लेकर कुलपति को पत्र दिये जाने के बाद भी किसी प्रकार का एक्शन नहीं लिया गया है। वहीं दूर्लभ किताबें भी खराब होती जा रही है जगह न होने की वजह से हम इसे संग्रहित नहीं कर पा रहे हैं। विवि प्रशासन को इसके लिए कोई मजबूत कदम उठाना होगा।

डॉ. मूशीर सिद्ïदीकी, विभागाध्यक्ष अरबी एण्ड अरब कल्चर विभाग

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