एलयू प्रवेश समन्वयक प्रो. अनिल मिश्रा नहीं जानते हिन्दी से अंग्रेजी में लिखना

  • दागियों के प्रवेश को लेकर कहा लिस्ट हिन्दी में आई थी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में प्रवेश से पूर्व ही दागियों छात्रों की पूरी सूची तैयार करने के बाद भी विवि में दोषी छात्रों के प्रवेश लिए गए हैं। इस संबंध में सवाल करने पर प्रवेश समन्वयक का कहना था कि प्रॉक्टोरियल विभाग से प्रयाप्त रूप से लिस्ट नहीं भेजा गया था और जो भेजा वह भी हिन्दी में थी, जिसके कारण यह समस्या उत्पन्न हुई।
विश्वविद्यालय ने पिछले वर्ष ही ऐसे छात्रों को चिंहित करना शुरू कर दिया था, जिनके खिलाफ किसी प्रकार की शिकायत दर्ज है। इन छात्रों को विवि में अराजकतो फैलाने व नियमों के उल्लंघन के लिए छात्रावास न देने फैसला लिया गया था। प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने कड़ी मशक्कत के बाद ऐसे लगभग 450 दोषी छात्रों की सूची तैयार कर विवि की वेबसाइट पर डाल दी ताकि ऐसे छात्रों को विवि में प्रवेश न दिया जाए। इसके अलावा पीजी की प्रवेश प्रक्रिया के दौरान प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने ऐसे सभी दागी छात्रों को सूची प्रवेश समन्वयक प्रो. अनिल मिश्रा को भेज दी, जिनमें से लगभग 40 छात्रों की सूची हिन्दी में स्कैन करके भेजी गई थी। विवि में अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रॉक्टोरियल बोर्ड की यह तमाम कोशिशों पर तब पानी फिर गया, जब उन्हें पता चला कि 12 ऐसे प्रवेश हुए जिनके खिलाफ विवि की ओर से गम्भीर धाराओं में केस दर्ज है।

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