एलडीए और खनन विभाग के खींचतान में खनन माफियाओं के हौसले बुलंद

  • निरालानगर के आवासीय भूमि में बने मुहूर्त लॉन में बेसमेंट के लिए हो  रही है खुदाई
  • अवैध खनन से आंखे मूंदे है खनन विभाग, एलडीए झाड़ रहा पल्ला
  • नियम है कि छ: फिट से ज्यादा गहरा खोदना गैरकानूनी

Captureअंकुश जायसवाल
लखनऊ। एलडीए की ढिलाई के कारण लखनऊ की सूरत बिगड़ती जा रही है। कोई खनन करके डबल बेसमेंट बनवाए दे रहा है तो कोई होटल बनवाने की फिराक में मानक से अधिक खनन कर रहा है। ऐसा नहीं कि इसकी जानकारी एलडीए के वरिष्ठï अभियंताओं व खनन विभाग के अभियंताओं को नहीं है। बकायदा अफसर अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे निर्माण की सूची बनाकर उनके संपर्क में हैं। कार्रवाई करना तो दूर ऐसे निर्माण कराने वालों के साथ विभाग नरमी बरत रहा है या यह कहे कि सहयोग दिया जा रहा है तो गलत नहीं होगा। निरालानगर रामकृष्ण मठ से आगे बढ़ते ही लाइन से मैरिज लॉन बने है।
इसी क्रम में शुभ मुहूर्त लॉन के संचालक आवासीय लैंड पर होटल बनाने जा रहे हैं। स्थानीय लोगों की माने तो पूरा बेसमेंट खोद डाला गया है।

खनन विभाग की भूमिका पर सवाल
अलीगंज, निरालानगर और कपूरथला में जितना भी निर्माण कार्य हो रहा है उनमें ज्यादातर भवन में बेसमेंट खुद रहा है। खनन विभाग को इसकी जानकारी तक नहीं है। अगर है और कार्रवाई नहीं हो रही है तो खनन विभाग की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरों में आती है।

१० से १५ फिट तक खोद डाला है आवासीय लैंड
शहर में बढ़ते अवैध खनन की खाई को रोकने में खनन विभाग बौना साबित हो रहा है। खनन विभाग से न तो परमीशन ली जाती है और ना ही खनन विभाग ही मौके पर देखने के लिए जाता है। जी हां, निरालानगर में ज्यादातर होटल बेसमेंट खोदकर ही बनाए गये हैं। अभी हाल ही में इसी रोड पर स्थित मुहूर्त लॉन में अवैध खनन का काम चल रहा है। जबकि प्रावधान है कि छ: फिट से ज्यादा गहरा खोदना गैर कानूनी है पर भू माफियाओं के हौसले इतने बुलंद है कि बिना किसी डर दबाव के वह १० से १५ फिट तक खुदाई कर रहे हैं और खनन विभाग इस पर आंखे मूंदे हुए है। वहीं एलडीए के अफसर इसको खनन विभाग की जिम्मेदारी बताकर पल्ला झाड़े ले रहा है।

मौके पर नहीं जाते खनन अधिकारी
खनन विभाग से परमीशन लेने के बाद जब खनन का काम शुरू होता है, तो खनन विभाग से कोई भी अफसर मौके पर यह देखने के लिए नहीं जाता कि कितनी गहरी खुदाई की जा रही है। इसलिए वह इसका फायदा उठाते हैं और नियम के विरुद्घ खुदाई करवाकर प्रशासन को ठेंगा दिखा रहे हैं।

लाइन से बने हैं होटल व लॉन
निरालानगर कालोनी पूर्ण रूप से आवासीय है। इसके बाद भी जिनके मकान मुख्य मार्ग पर हैं उन्होंने अपने मकानों को होटल व लॉन में तब्दील कर लिया है। शादी के सीजन में रामकृष्ण मठ के आगे जाने में करीब आधे घंटे तक लग जाते हैं। कारण सडक़ के किनारे छोटे-बड़े आठ से दस होटल खुल गए हैं और इन्हीं के सामने मैरिज लॉन। यानी यहीं शादी करके और सामने के होटल में रुकने की व्यवस्था। यह व्यवस्था एलडीए के आदेशों की धज्जियां उड़ाती है।

क्या कहते हैं अधिकारी
एलडीए के अधिशासी अभियंता ट्रांस गोमती एवं प्रवर्तन एके सिंह ने बताया कि निरालानगर में अवैध चल रही कॉमर्शियल गतिविधियों पर कई बार कार्रवाई करते हुए उन्हें सील किया गया है। इसके अलावा उनसे जब रामकृष्ण मठ के बगल में शुभ मुहूर्त लॉन में हो रही खुदाई और उस पर होने वाली कॉमर्शियल गतिविधियों के बारे में बात की गई, तो उन्होंने इसे खनन विभाग का मामला बताया और मामले की जानकारी न होने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया।

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