एमसीआर से सुधर रही पुलिस की छवि

पुलिसकर्मियों और घटनास्थल पर रहती है नजर

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। माडर्न कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली ने लोगों का पुलिस पर विश्वास लौटाया है। वर्तमान समय में पुलिस की छवि में सुधार जहां देखने को मिला है वहीं पुलिस को लोग धन्यवाद देने लगे हैं। यह सब सम्भव हो सका है सिर्फ तकनीक के कारण। माडर्न कंट्रोल रूम की तकनीक के कारण जहां सिपाही और अधिकारी तन्मयता से नौकरी कर रहे है वहीं आम आदमी को भी पुलिस काफी सहयोग कर रही है। अपराध हो, हादसा या फिर स्वास्थ्य, हर मामलों में अब पुलिस का सहयोग लिया जाने लगा है। पुलिस को हाईटेक करने में युवा मुख्यमंत्री अखिलेश सिंह यादव का बहुत बड़ा योगदान है। पुलिस को मॉर्डन बनने से जहां तत्काल अपराधियों पर कार्रवाई की जाती है वहीं पुलिस की कार्य प्रणाली भी शीशे की तरह साफ झलकती रहती है।
मॉडर्न कंट्रोल रूम राजधानी के गोमतीनगर में 2014 में स्थापित किया गया था जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किया। मॉडर्न कंट्रोल रूम नाम के मुताबिक मॉडर्न तरीके से कार्य करता है। एक कॉल करने के बाद मॉडर्न कंट्रोल रूम पूरी तरह से सक्रिय हो जाता है और जब तक पीडि़त व्यक्ति को सहायता नहीं मिलती तब तक पुलिसकर्मी कार्य करते रहते हैं। करोड़ों रुपये की लागत से बना यह कंट्रोल रूम राजधानीवासियों और लखनऊ पुलिस के लिए वरदान साबित हुई है। कई मामलों में पुलिस बहुत ही कम समय में घटनास्थल पर पहुंचकर लोगों की जहां जान बचाती है वहीं विवादों को बढऩे से भी टीम ने रोका है। विगत कई मामलों में अच्छा कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को मॉडर्न कंट्रोल रूम के एएसपी दुर्गेश कुमार ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
यह है टीम
मॉर्डन कंट्रोल रूम के एएसपी दुर्गेश कुमार ने बताया कि वर्तमान समय में एक एएसपी स्टेट रेडियो ऑफिसर, तीन रेडियो इंस्पेक्टर, दो इंस्पेक्टर, 104 दारोगा और मुख्य आरक्षी तथा 450 सिपाही तैनात है, जिसमें 35 महिला पुलिसकर्मी भी है।
कैमरे से निगरानी
मॉर्डन कंट्रोल रूम की सबसे बड़ी व्यवस्था यह है कि पुलिसकर्मी के साथ ही घटनास्थल भी कैमरे की निगाह में रहता है। पुलिसकर्मी जहां लापरवाही नहीं कर पाते वहीं सच्चाई भी पता चल जाती है।
वाहनों में सर्विलांस, मोबाइल और पामटॉप
एएसपी दुर्गेश कुमार ने बताया कि मॉर्डन कंट्रोल रूम के वाहनों में सर्विलांस सेट, मोबाइल, और पामटॉप मौजूद रहते हैं, जिसके कारण यह पता चलता है कि घटनास्थल से कौन सी गाड़ी नजदीक है, जिसके बाद वह घटनास्थल पर पहुंचती है। घटना की सूचना मिलने पर मॉडर्न कंट्रोल रूम कम्प्यूटर के माध्यम से सूचित कर देता है, जिसके बाद पुलिसकर्मी रवाना हो जाते हैं। चौबीस घंटे ड्यूटी में पुलिस कर्मी तैनात रहते हैं। सही लोकेशन की जानकारी भी रहती है।
धन्यवाद देने के लिए लगा रहता है तांता
मॉर्डन पुलिसिंग की देन है कि एक तरफ जहां लोग पुलिस से दूर रहते थे वहीं इस तकनीक के कारण लोग पुलिस से जुडऩे लगे। पुलिस को धन्यवाद देने और मिठाई खिलाने के लिए लोग उतावले रहने लगे। यह नजारा कभी भी मॉर्डन कंट्रोल रूम में देखा जा सकता है, क्योंकि कम समय में अच्छा रिस्पांस देना इस तकनीक से ही सम्भव हो सका है।
प्रतिदिन आते हैं सैकड़ों फोन
एएसपी दुर्गेश कुमार ने बताया कि प्रतिदिन लगभग छह सौ से सात सौ तक फोन आते हैं। सभी के पास पुलिस पहुंचती है। इतना ही नहीं सबसे फीड बैक भी लिया जाता है। अब तक मॉडर्न कंट्रोल रूम ने लगभग 1,25,000 लोगों की सहायता की होगी।
लापरवाही नहीं कर सकते कर्मचारी
पहले की पुलिसिंग और वर्तमान की पुलिसिंग में काफी अंतर आ गया है। हकीकत यह है कि पहले के सिपाही अपने अधिकारियों से झूठ बोलकर आसानी से निकल जाते थे, लेकिन इस तकनीक के कारण यह सम्भव नहीं है। गाड़ी छोडक़र यदि सौ मीटर कोई चला जाये या अपनी ड्यूटी में वह गायब होता है तो इसकी तत्काल जानकारी एएसपी एमसीआर को हो जाती है जिसके कारण उसके ऊपर कार्रवाई होती है। विगत दिनों चेकिंग अभियान के दौरान डीआईजी आरके चतुर्वेदी ने भी इसी तकनीक के माध्यम से कई सिपाहियों को दंडित किया था वहीं कई पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया था।

केस नम्बर एक
मडिय़ाव थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने सूचना दी कि छठामील के सामने दो बाइकों में भिड़त हो गई है। सूचना मिलने पर पुलिस मात्र पांच मिनट के अंदर पहुंची और दोनों घायलों को वाहन में लादकर ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराई। तत्काल उपचार मिलने के बाद दोनों की जान बच पाई थी। दोनों की शिनाख्त रमेश और कमलेश के रूप में हुई थी।
केस नम्बर दो

गोमतीनगर के खरगापुर में जमीन पर कब्जा करने के मामलों में विवाद बढऩे पर एक व्यक्ति ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। सूचना मिलने पर मात्र सात मिनट में पहुंची पुलिस के कारण मौके पर मारपीट होने से बच गया।
केस नम्बर तीन

गुडम्बा थाना क्षेत्र के मैकाले टैक्सी स्टैंड निवासी राममूरत ने मॉर्डन कंट्रोल रूम में कॉल कर बताया कि उसके पिता की तबीयत काफी खराब है। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने उसके पिता को उपचार के लिए ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया।

Pin It