एनडीए सरकार की उपलब्धियों के दो साल

नरेंद्र सिंह तोमर

देश में कमरतोड़ महंगाई, विदेशी मुद्रा भंडार की बेहद खराब स्थिति, बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार, शासन-प्रशासन में शिथिलता और निवेशकों के बीच विश्वास की कमी जैसी गंभीर चुनौतियां सामने खड़ी थी। लेकिन वर्तमान केंद्र सरकार ने अपने मात्र दो वर्ष के कार्यकाल में विभिन्न पर अंकुश लगाने, शासन-प्रशासन को पारदर्शी और चुस्त-दुरुस्त बनाने सहित विभिन्न मोर्चे पर ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं।
केंद्र में राष्टï्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार 26 मई, 2016 को अपने कार्यकाल के दो साल पूरे कर रही है। इस दौरान सरकार ने जनहित और देशहित के लिए कौन से कदम उठाए, किन-किन महत्वाकांक्षी योजनाओं और कार्यक्रमों की शुरुआत की गई, उनके क्रियान्वयन की स्थिति क्या है, सरकार अपने संकल्पों और वायदों को पूरा करने में कहा तक आगे बढ़ी है और अभी क्या कुछ किया जाना बाकी है इन सभी पर विस्तार से अध्ययन और चर्चा करना प्रासंगिक होगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राजग सरकार द्वारा जिस गति और उत्साह के साथ विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण निर्णय लेकर अमल किया गया है, देश के लोकतांत्रिक इतिहास में कभी-कभार ही दिखाई दिया है। मोदी के नेतृत्व में राजग सरकार के शपथ-ग्रहण के दिन से ही लगने लगा था कि इस सरकार की कार्यप्रणाली, नीतियां और मानदण्ड घिसे-पिटे न होकर नये, मौलिक, लोकोपकारी, पारदर्शी और सर्वजनहिताय सर्वजनसुखाय के सिद्धांतों और आदशरें पर आधारित होंगे। देश में कमरतोड़ महंगाई, विदेशी मुद्रा भंडार की बेहद खराब स्थिति, बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार, शासन-प्रशासन में शिथिलता और निवेशकों के बीच विश्वास की कमी जैसी गंभीर चुनौतियां सामने खड़ी थी। लेकिन वर्तमान केंद्र सरकार ने अपने मात्र दो वर्ष के कार्यकाल में विभिन्न पर अंकुश लगाने, शासन-प्रशासन को पारदर्शी और चुस्त-दुरुस्त बनाने सहित विभिन्न मोचरें पर ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं।
अंतर्राष्ट्रीय राजनायिक और कूटनीतिक पहल के क्षेत्र में मोदी विश्व स्तर पर बेजोड़ नेता के रूप में प्रतिष्ठित हुए हैं। सरकार ने अपने दो वर्ष की कार्यकाल के दौरान डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्वच्छ भारत अभियान, प्रधानमंत्री जन-धन योजना, फसल बीमा योजना, स्टार्ट अप, स्टैण्ड अप, अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, मुद्रा बैंक योजना, रसोई गैस सब्सिडी के मामले में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण योजना और सागरमाला परियोजना जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रमों और योजनाओं की न केवल घोषणा की बल्कि उन्हें सुव्यवस्थित रूप से कार्यान्वित कर दिया और लोगों को इनके लाभ भी मिलने शुरू हो गए। इससे स्पष्ट है कि यह सरकार बड़ी-बड़ी योजनाओं की केवल घोषणा करने में ही विश्वास नहीं रखती, बल्कि उनके लाभ लोगों तक यथाशीघ्र पहुंचाने के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य करती है।
इस संदर्भ में कुछ महत्वपूर्ण योजनाओं का ब्यौरा देना प्रासंगिक होता। एनडीएसरकार ने 21 अगस्त, 2014 को डिजिटल इंडिया अभियान की शुरूआत की। इसके माध्यम से देश को इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली पर आधारित सशक्त अर्थव्यवस्था के रूप में परिवर्तित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाने, विभिन्न सरकारी विभिागों को डिजिटल अथवा इलेक्ट्रानिक्स आधार पर जोडऩे से आम जनता तक सरकारी सेवाओं की पहुंच, पहले के मुकाबले आसान होती जा रही है कागजी कार्रवाई घट रही है और इसका फायदा अभी तक वंचित रहे ग्रामीण क्षेत्रों को मिल रहा है।
अर्थव्यवस्था के तेजी से विकास के लिए मेक इन इंडिया कार्यक्रम की शुरूआत की गई। वित्तीय समावेशन से जुड़ी प्रधानमंत्री जन-धन योजना में अब तक 21 करोड़ 81 लाख बैंक खाते खोले हैं और प्रत्येक खाताधारक के लिए बीमा कवर के रूप में एक लाख रुपए की राशि निर्धारति की गई है। इस योजना के अंतर्गत अब तक 37 हजार 616 करोड़ रुपए से अधिक धनराशि जमा हुई है। प्रधानमंत्री मुद्रा बैंक योजना के अंतर्गत 3 करोड़ 78 लाख से अधिक लघु उद्यमियों को 1 लाख 47 हजार करोड़ रुपए से अधिक ऋण स्वीकृत किए गए हैं। और 1 लाख 41 हजार करोड़ रुपए से अधिक के ऋण वितरित किए जा चुके हैं। यदि हम राजग सरकार की दो वर्ष की उपलब्धियों पर दृष्टि डालें तो ज्ञात होता है कि सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 6.3 से बढकर 7.6 प्रतिशत हो गई है। वर्तमान समय में हमारे पास लगभग 350 विलियन अमेरिकी डॉलर का विदेशी मुद्रा भण्डार है जो अब तक के अधिकतम स्तर पर है।
देश में वर्ष 2014 में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 2013 के मुकाबले 22 प्रतिशत बढक़र 34 विलियन अमरीकी डॉलर हो गया। वर्ष 2016-17 में ग्रामीण सडक़ मागरें के विकास के लिए 19 हजार करोड़ रुपये आबंटित किए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को रोजगार सुनिश्चित कराने की महतवाकांक्षी योजना मनरेगा के लिए वर्ष 2016-17 में 38, 500 करोड़ रुपये का आबंटन किया गया है। गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाली 5 करोड़ महिलाओं को अगले 3 वर्षों में नि:शुल्क गैस कनेक्शन प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री उज्जवला योजना का शुभारंभ किया गयाथ
जहां तक मेरे प्रभार के अंतर्गत खान और इस्पात मंत्रालय का संबंध है, केंद्र सरकार ने खनन क्षेत्र में भारी ठहराव, अवैध खनन, पारदर्शिता की कमी और विनियमित ढांचे की अपर्याप्तता की चुनौती से निपटने के लिए एमएमडीआर अधिनियम 1957 में व्यापक संशोधन किए। इससे अब केवल नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से ही खनिज रियायतों का आबंटन हो सकेगा, विवेकाधिकार समाप्त होगा, पारदर्शिता बढ़ेगी, विलंब कम होगा, प्रकिया सरल होगी, खनिज मूल्य में सरकार का हिस्सा बढ़ेगा और निजी निवेश तथा आधुनिक प्रौद्योगिकी को आकृष्ट किया जा सकेगा।

इस्पात क्षेत्र में वैश्विक मंदी के बावजूद, वर्ष 2015 के दौरान विश्व के प्रमुख इस्पात उत्पादक देशों में भारत ऐसा अकेला देश रहा है जिसने पिछले साल के मुकाबले न केवल इस्पात उत्पादन में, बल्कि खपत में भी वृद्धि दर्ज की है। जनवरी 2015 में भारत ने अमेरिका का पछाड़ कर इस्पात उत्पादन में विश्व स्तर पर तीसरा स्थान हासिल कर लिया है। इस्पात उत्पादन बढ़ाने के लिए पहले चरण में चार राज्यों- छत्तीसगढ़, ओडीशा, झारखण्ड और कर्नाटक के साथ एसपीवी स्थापित करने पर लगभग 24 मिलियन टन इस्पात उत्पादन क्षमता बढ़ेगी। इससे कुल इस्पात उत्पादन क्षमता बढक़र लगभग 134 मिलियन टन हो जाएगी।
देश में पहली बार गांव-गांव में सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने, किसानों की समृद्धि बढ़ाने, पंचायती राज व्यवस्था को सुदृढ करने और संतुलित एवं समग्र ग्राम विकास की परिकल्पना को मूर्त रूप देने के लिए भारत सरकार ने दिनांक 14 अप्रैल से 24 अप्रैल, 2016 तक ग्रामोदय से भारत उदय अभियान का सफलतापूर्वक संचालन किया। यह कहने में कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी कि मोदी जी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार ने केवल 2 साल के भीतर जो कदम उठाए हैं, जिन नीतियों, योजनाओं और कार्यक्रमों पर अमल किया है और जिस गति, निष्ठा और ईमानदारी से संकल्पबद्ध होकर कार्य किया है, वह बेमिसाल है। इससे स्पष्ट है कि यह सरकार अपने 5 वर्ष के मौजूदा कार्यकाल में ऐसे कई कीर्तिमान स्थापित करेगी, जो अपने ऐतिहासिक होंगे।

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