एड्स पीडि़त महिलाओं के हक में उठी आवाज

 आर्थिक निर्भरता के लिये पीडि़त महिलाओं को दिये जायेंगे रोजगारपरक प्रशिक्षण

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। एचआईवी व एड्स पीडि़त महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए सामाजिक संगठन एफएलओ ने उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी से मिलकर अभियान शुरू कर दिया है। मुख्य सचिव की पत्नी सुरभि रंजन और उनकी टीम के प्रयासों और भागीदारी से राजधानी में हुए एक कार्यक्रम में ऐसे सभी स्टेकहोल्डर्स जो इससे पीडि़त महिलाओं को सामाजिक सम्मान दिलाने के लिए काम कर रहे हैं, ने मिलकर एड्ïस पीडि़तों की मदद में आवाज उठाई।

इस मौके पर एफएलओ की लखनऊ तथा कानपुर ज्योत्सना कौर हबीउल्ला ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक निर्भरता उनके एचआईवी जोखिम के कारण बढ़ जाती है। ऐसे में एफएलओ महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए वचनबद्ध है। इन महिलाओं को स्कूल वैन ड्राइवर, सिक्योरिटी गार्ड, चपरासी, माली, शिल्पकार तथा सिलाई आदि का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यूपीएनपी प्लस के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश नेटवर्क फॉर पॉजिटिव पीपुल के नरेश चंद्र यादव ने बताया कि आर्थिक असुरक्षा महिलाओं की बीमारी के प्रबंधन में प्रमुख चुनौती पैदा करती है। उनकी अपने जीवन साथी पर वित्तीय निर्भरता तथा हिंसा का डर उनकी एचआईवी की स्थिति का पता नहीं चलने देता। इस कारण उन्हें विशेष उपचार प्राप्त करने में दिक्कतें आती हैं। एफएलओ की सदस्य रोमा अग्रवाल ने मदर टेरसा की पंक्तियों के रूप में पहल करते हुए कहा कि हमें कभी-कभी लगता है भूखा और बेघर होना ही गरीबी है पर अवांछित,अप्रिय और सेवारहित रहना ही सबसे बड़ी निर्धनता है।
भारत में एड्स की भयावह स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी के मनु भटनागर ने बताया कि अब यह बीमारी संकचित दायरे में न रहकर खतरनाक स्तर तक पहुंच गयी है। सामान्य जनसंख्या में फैलने के बाद ये तेजी से गांव की ओर अपने पांव पसार रही है। इससे ग्रामीण इलाकों के युवक और महिलाओं में भी यह रोग फैलने की आशंका है।

Pin It