एटीएम लूट व ट्रिपल मर्डर को अंजाम

पूर्वांचल के अपराधियों ने दिया था

Captureपुलिस पहुंची अपराधियों के करीब, जल्द हो सकता है पर्दाफाश
हसनगंज में कैशवैन से 50 लाख की लूट और ट्रिपल मर्डर का मामला

 गणेश जी वर्मा
लखनऊ। हसनगंज में दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग कर एटीएम कैशवैन से लाखों रुपये की लूट के बाद गार्ड सहित तीन लोगों की हत्या की घटना को पूर्वांचल के अपराधियों ने अंजाम दिया था। इस मामले में पुलिस कातिलों के करीब भी पहुंच चुकी है और जल्द ही इसका पर्दाफाश हो सकता है। अपराधी पेशेवर हैं और उन्होंने घटना को योजनाबद्घ तरीके से अंजाम दिया था। इस मामले का पर्दाफाश करने के लिये मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने तत्कालीन डीजीपी एके जैन को 15 दिन का समय दिया था। लेकिन श्री जैन इस घटना का पर्दाफाश करने में कामयाब नहीं हो पाये थे।
पुलिस सूत्रों की मानें तो इन अपराधियों को तलाशने और मामले का पर्दाफाश करने के लिये कप्तान राजेश कुमार पांडेय ने कई टीमों को लगाया है वहीं कई दशक पूर्व अपराध की दुनिया को छोडक़र राजनीति की दुनिया में आने वाले अपराधियों से भी जमकर पूछताछ हो रही है। फिलहाल पुलिस उनका नाम ट्रेस कर चुकी है जिन्होंने इस जघन्य हत्याकांड और लूट को अंजाम दिया था। आजमगढ़, फैजाबाद सहित पूर्वांचल के रेकी करने से लेकर लूट और हत्या करने में आधा दर्जन से अधिक अपराधी इस मामले में शामिल बताये जा रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि यह अपराधी लखनऊ में न सिर्फ अपराध की घटनाओं को अंजाम देने के लिए आते थे बल्कि इनका एक साथी पुलिस की गतिविधियों और जांच की सूचना उन तक पहुंचाता रहता है। जब पुलिस सुस्त पड़ जाती है तब ये बाहर निकलते हंै। पुलिस के सक्रिय होने तक ये अंडरग्राउंड रहते हैं। बता दें कि 27 फरवरी को हसनगंज के बाबूगंज चौराहा के पास एचडीएफसी बैंक के एटीएम में रुपए डालने आए गार्ड और लोडर सहित तीन लोगों की बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या करने के बाद 50 लाख से अधिक रुपये लूटकर फरार हो गये थे। इस की सूचना मिलने पर तत्कालीन एसएसपी यशस्वी यादव सहित मौके पर कई वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंचे थे। दो दर्जन से अधिक टीमों को लगाने के बाद भी पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला था। इस मामले में तत्कालीन एसएसपी यशस्वी यादव ने नालगोंडा पुलिस द्वारा मारे गए आरोपियों को यूपी के किसी आपराधिक गैंग से संबंधित होने का शक जताया था लेकिन कुछ घंटे बाद ही तेलंगाना पुलिस ने बताया कि मारे गए युवक खंडवा जेल से भागे हुए सिमी के आतंकी थे। श्री यादव ने इनके ही ऊपर तेलंगाना, ओडिशा और लखनऊ में बैंक लूट के दौरान मर्डर व ट्रेन में लूट का ठीकरा फोड़ दिया था, जिससे पुलिस की जमकर फजीहत हुई थी।

 

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