एक बार फिर दिखी डॉक्टर की संवेदनहीनता

ओपीडी से इमरजेन्सी, इमरजेन्सी से ओपीडी फिर भी नहीं हुआ इलाज

Capture 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया संयुक्त चिकित्सालय में कल इमरजेंसी में इलाज के लिए आये बुजुर्ग को दवा देकर भगा दिया गया। इलाज की आस में मरीज पूरे दिन इमरजेन्सी के सामने जमीन पर ही पड़ा रहा, लेकिन डाक्ॅटर का दिल नहीं पसीजा।
सीतापुर के रेवसा निवासी सुलेमान (60) कल सुबह करीब 11:30 बजे डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के कमरा नंबर-7 में डॉक्टर को दिखाने गये थे। सुलेमान ने बताया कि डॉक्टर ने चेकअप करने के बाद उन्हें इमरजेंसी में भर्ती होने के लिए कहा। जब वह इमरजेंसी पहुंचे तो वहां ड्यूटी पर तैनात डॉ. विनोद ने पूरी बात सुने बिना ही भर्ती करने से मना कर दिया। इसके साथ ही एक्सरे कराकर आने का निर्देश देकर कमरे से बाहर निकाल दिया। सुलेमान के साथ उनका रिश्तेदार इमरान भी था। गौरतलब हो कि सुलेमान चार महीने पहले पेड़ से गिरकर घायल हो गये थे। इस हादसे में उन्हें काफी चोटें आर्इं थीं। तब से वह अपना इलाज करवा रहे हैं, इसके पहले वह जानकीपुरम के एक प्राइवेट अस्पताल में अपना इलाज करवा रहे थे। लेकिन वहां काफी पैसा खर्च होने की वजह से सुलेमान ने सरकारी अस्पताल में इलाज कराना ही बेहतर समझा। दरअसल सुलेमान की बीमारी क्या है, इस बात का पता नहीं चल पाया। इस कारण बीमारी ठीक होने के बजाए बढ़ती जा रही थी। अब तो सुलेमान का चलना-फिरना भी दूभर हो गया है। सुलेमान ने बताया कि अब मेरे पास पैसे नहीं बचे हैं कि प्राइवेट इलाज करा सकूं। इसलिए लोहिया अस्पताल आया था कि यहां अच्छा इलाज हो जाएगा लेकिन यहां भी डाक्टर नहीं सुन रहे हैं। सुलेमान इमरजेंसी के बाहर कई घंटे पड़े रहे लेकिन उन्हें भर्ती नहीं किया गया।

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