एक बार फिर आश्वासन

यहां सवाल उठता है कि यह सब जतन करने से क्या हासिल होगा? यदि हम इतिहास के पन्नों को पलटें तो ऐसे ढेरों मामले मिल जाएंगे जिसमें भारत में हुए आतंकी हमलों में पाकिस्तान के होने के सुबूत मिले लेकिन पाकिस्तान ने कोई कार्रवाई नहीं की।

sanjay sharma editor5एक बार फिर पाकिस्तान ने आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। हर बार की तरह पाकिस्तान का रटा-रटाया जुमला कि ‘आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी’। आज तक पाकिस्तान ने कितनी बार कार्रवाई की है इससे सभी वाकिफ हैं। पठानकोट की घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से बातचीत की। इस बातचीत में पाकिस्तान की तरफ से मिलने वाले आश्वासन पर कितना अमल होगा यह तो वक्त बताएगा लेकिन इतिहास गवाह है कि पाकिस्तान की फितरत बदलने वाली नहीं है। पठानकोट में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान का हाथ होने के सुबूत मिले और भारत ने पाकिस्तान को सुबूत भी सौंप दिये।
यहां सवाल उठता है कि यह सब जतन करने से क्या हासिल होगा? यदि हम इतिहास के पन्नों को पलटें तो ऐसे ढेरों मामले मिल जाएंगे जिसमें भारत में हुए आतंकी हमलों में पाकिस्तान के होने के सुबूत मिले लेकिन पाकिस्तान ने कोई कार्रवाई नहीं की। और तो और इन सब घटनाओं में पाकिस्तान के दिग्गजों ने पाकिस्तान का हाथ होने से हमेशा इनकार किया है। पाकिस्तान ने आज तक स्वीकार नहीं किया कि भारत को अस्थिर करने में उसका हाथ है। पूरी दुनिया जानती है कि आतंकवादी संगठनों की शरणस्थली पाकिस्तान है फिर भी पाकिस्तान यह स्वीकार नहीं करता कि वह आतंकवाद की समस्या से जूझ रहा है। पाकिस्तान के साथ किस तरह निपटा जाए इसका जवाब किसी के पास नहीं है। लेकिन यह दलील आज भी दी जाती है कि पाकिस्तान से बातचीत करने के तरीकों को पूरी तरह से कभी बंद नहीं किया जा सकता।
भारत में जो भी सत्ता में रहता है उसके लिए यह एक बड़ी चुनौती होती है कि वह पाकिस्तान के लिए क्या नीति रखे, जहां समय-समय पर रवैया और जुबान का दबाव आ जाता है। 26/11 से लेकर अब तक पाकिस्तान के खिलाफ भारत की तरफ से सुबूतों का हासिल करना कोई नई बात नहीं। लेकिन उनकी तरफ से कार्रवाई न कर पाना यह एक तरीका बन गया है। मिसाल के तौर पर हाफिज सईद ने सुषमा स्वराज की पाक यात्रा के बाद कहा था कि भारत एड़ी चोटी का जोर लगा ले लेकिन 26/11 मामले में उसका हाथ साबित नहीं कर पाएगा। पठानकोट हमले के बाद अब कोई और आतंकवादी भारत के खिलाफ बयान देगा तो क्या भारत की तरफ से कोई नवाज शरीफ के खिलाफ बोलेगा?

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