एक अफसर ने बदल दी पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम की तस्वीर, पहली बार निगम फायदे में

  • दो महीने में ही तेज तर्रार आईएएस अफसर अभिषेक प्रकाश ने बदली निगम की तस्वीर, 30.45 प्रतिशत अधिक वसूली के साथ पहली बार निगम फायदे में
  • व्हाट्ïसएप गु्रप के जरिए रोज की जेई स्तर के अधिकारियों से बिजली बिल वसूली की समीक्षा

Captureसुमित कुमार
मेरठ। प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय अग्रवाल ने जब पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी के रूप में अभिषेक प्रकाश की तैनाती चाही थी तब उन्होंने भरोसा जताया था कि पश्चिमांचल बेहतर काम करेगा। दो महीने के भीतर अभिषेक प्रकाश ने जो काम किया उसने सबको चौंका दिया। अभिषेक प्रकाश ने दिखा दिया कि कोई एक अफसर पूरी व्यवस्था को किस तरह बदल सकता है और घाटे में चल रहे उपक्रम को फायदे में ला सकता है।
इस बार निगम की कुल वार्षिक राजस्व वसूली 11773.25 करोड़ रुपये रही है, जबकि विगत वर्ष ये 10249.10 करोड़ थी। ये पिछले वर्ष के मुकाबले 14.78 प्रतिशत अधिक है। अभिषेक प्रकाश जनवरी में यहां तैनात हुए थे और फिर उन्होंने राजस्व वसूली बढ़ाने का अभियान छेड़ दिया।
आम तौर पर आईएएस अफसर सिर्फ बड़े अभियंताओं से ही वसूली के लिए बात करते हैं, मगर अभिषेक प्रकाश ने रिकॉर्ड वसूली करने के लिए एक नया रास्ता अपनाया। उन्होंने जेई स्तर तक के सभी अभियंताओं का व्हाट्ïसएप गु्रप बनाया। उन्होंने जूनियर इंजीनियर्स को निर्देशित किया कि वे रोज इस गु्रप पर बताएंगे कि उन्होंने कितनी वसूली की। अभिषेक प्रकाश खुद भी इस गु्रप से जुड़े और कम वसूली करने वाले जेई को सबके सामने गु्रप में ही चेतावनी दी और जिस जेई ने सबसे अधिक वसूली की उसकी सराहना की। विभाग के सर्वेसर्वा खुद आकर इस वसूली की समीक्षा करेंगे इसका अंदाजा किसी जेई को नहीं था।
कुछ ही दिनों में इसके नतीजे भी सामने आ गये। कई जेई ने पिछली बार के मुकाबले पांच गुना ज्यादा वसूली करके दिखा दिया कि अगर टीम का कैप्टन हौसला बढ़ाए तो वे कुछ भी कर सकते हैं। यही कारण रहा कि अकेले मार्च में दो हजार पंद्रह करोड़ की वसूली हुई जो विगत वर्ष के इस माह से 30.45 प्रतिशत अधिक है।
यही नहीं पश्चिमांचल में जहां विगत वर्ष प्रति यूनिट मूल्य 3.91 था वहीं इस वर्ष बढक़र 4.41 हो गया। इसके कारण विभाग को 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि हुई, जिसके कारण निगम पहली बार फायदे में आया। अभिषेक प्रकाश ने ओटीएस स्कीम के तहत बड़ी संख्या में कैंप लगवाए, जिसके कारण पिछले वर्ष के मुकाबले 28 प्रतिशत अधिक राजस्व वसूली हुई। इस जागरूकता अभियान से बिजली चोरी रोकने में भी भारी कामयाबी मिली। ओटीएस स्कीम के तहत विगत वर्ष 325 करोड़ की वसूली हुई थी जबकि इस वर्ष 618 करोड़ की वसूली हुई। इस प्रकार अभिषेक प्रकाश की रणनीति के कारण ओटीएस स्कीम में 90 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि हुई है।
मुख्यमंत्री ऊर्जा क्षेत्र में बेहतर काम करने के लिए अधिकारियों को खास तौर से प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय अग्रवाल और प्रबंध निदेशक एपी मिश्रा की लगातार प्रशंसा करते रहते हैं। शायद यही कारण है कि संजय अग्रवाल ने अच्छे अफसरों की टीम तैयार की है और पश्चिमांलच विद्युत वितरण निगम इसका उदाहरण है।

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