एकेटीयू ने परीक्षा को लेकर फिर किए दावे

शिक्षकों की अपने ही संस्थान में नहीं लगेगी ड्ïयूटी

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के फेल छात्रों की समस्या हल नहीं हुई है। छात्र अब भी दर-दर भटक रहे हैं और विवि अगले सत्र की परीक्षा की तैयारी को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रहा है। विवि प्रशासन ने इस बार नया नियम बनाया है जिसमें संबद्ध संस्थानों के शिक्षक अपने ही संस्थान में प्रयोगात्मक परीक्षा के दौरान ड्यूटी नहीं करेंगे। एकेटीयू से जुड़े सूत्रों के अनुसार प्रशासन ने सेमेस्टर की प्रयोगिक परीक्षा के लिए दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। फेल छात्रों का कहना है कि विवि प्रशासन इस बार भी न जाने कितने छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करेंगे। इसके अलावा संस्थान में बतौर प्रैक्टिकल परीक्षक आने वाले शिक्षक को उस विषय के संबंध में पढ़ाने का एक वर्ष का अनुभव भी होना आवश्यक है।
गौरतलब है कि एकेटीयू से संबद्ध सूबे भर में तकरीबन साढ़े छह सौ से ज्यादा संस्थान हैं, जिनमें लाखों की संख्या में छात्र-छात्राएं अध्यनरत हैं। तकरीबन प्रत्येक वर्ष एकेटीयू से संबद्ध संस्थानों के छात्रों की शिकायत रहती है कि उन्हें प्रैक्टिकल एग्जाम के दौरान सही तरीके से उचित अंक नहीं मिल पाते हैं। वहीं छात्रों की कापियां चेक करने में लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ता है। छात्रों का यह भी आरोप है कि फेल हो जाने के बाद भी विवि प्रशासन छात्रों की सुनवाई इसलिए नहीं करता है क्योंकि उनकी लापरवाही सामने आ जाएगी। इस बार एकेटीयू की ओर से प्रैक्टिकल एग्जाम को लेकर गाइडलाइन जारी की गई हैं। बताते चलें कि एकेटीयू की प्रैक्टिकल परीक्षाएं शुक्रवार से शुरु हो गई हैं।
एकेटीयू सूत्रों के अनुसार प्रैक्टिकल परीक्षा के दौरान प्रत्येक शिक्षक केवल पांच ड्यूटी ही कर सकेगा। एकेटीयू प्रशासन की ओर से शिक्षकों को पांच व इससे कम ड्यूटी करने का निर्देश जारी किया गया है। फैकेल्टी शिक्षकों को उनके द्वारा भरे गए बायोडाटा के सब्जेक्ट कोड के आधार पर ही ड्यूटी निर्गत की जाएगी। बताते चलें कि पूर्व में कुछ कॉलेजों द्वारा मनमाने ढंग से किसी भी विषय के शिक्षक को प्रैक्टिकल परीक्षा के दौरान परीक्षक बनाए जाने को लेकर शिकायतें आई थी। इसके लिए ही इस बार एकेटीयू प्रशासन की ओर से निर्देश दिए गए हैं।

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