एकेटीयू ने एक बार फिर दोषी कॉलेज को दी क्लीन चिट

  • छात्र ने कॉलेज प्रशासन पर स्कालरशिप वूसलने का लगाया आरोप

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। डॉ. एमसी सक्सेना प्रॉइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक द्वितीय वर्ष के एक छात्र ने स्कॉलरशिप जबरन वसूलने के आरोप को लेकर एकेटीयू में कुलपति से शिकायत की थी। कुलपति ने कल दोनों पक्षों की बातें सुनने के बाद कॉलेज को क्लीनचिट दे दिया। कुलपति द्वारा ऐसा फैैसला पहली बार नहीं किया गया है। इससे पहले भी इस कॉलेज पर आरोप लग चुके हैं।
डॉ. एमसी सक्सेना इंजीनियरिंग कॉलेज में बुधवार को यह मामला सामने आया, जिसमें बी.टेक के छात्र मनु शर्मा ने कॉलेज प्रशासन पर फीस के अलावा उनकी स्कॉलरशिप वसूलने का दबाव बनाने का आरोप लगाया। इसके लिए मनु शर्मा ने एकेटीयू के कुलपति को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई थी। गुरुवार को कुलपति ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद भी फैसला छात्र के हक में देने के बजाय कॉलेज को क्लीनचिट दे दी।

यह था पूरा मामला
छात्र मनु शर्मा का आरोप है कि डा.एमसी सक्सेना इंस्टीट्यूट में बी.टेक. में एडमिशन के समय उससे 60 हजार रूपए जमा कराई गई। द्वितीय वर्ष में उसे 56 हजार रुपए छात्रवृत्ति मिली। पूरी फीस जमा होने के बाद भी कॉलेज प्रशासन स्कॉलरशिप से पैसा जमा करने का दबाव बना रहा है। छात्र के इंकार करने पर उसका परीक्षा फार्म भरने से रोक दिया गया। छात्र को धमकी देकर वहां से भगा दिया गया। छात्र के पिता जब रजिस्ट्रार से बात करने पहुंचे तो उन्हें प्रवेश के समय उनके हस्ताक्षर किए हुए कागज दिखाए गए, जिसके बारे में उस समय उन्हें बताया तक नहीं गया था। छात्र के पिता को अंग्रेजी कम आती है यह बात कॉलेज प्रशासन से पहले ही बताई गई थी।

पहले भी दी गई क्लीनचिट

दोषी कॉलेजों को क्लीनचिट व संरक्षण देना एकेटीयू की पुरानी आदत है। इससे पहले भी बीएन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नोलॉजी के बीटेक फाइनल ईयर के छात्र ने अपने सुसाइट नोट में कॉलेज प्रशासन पर प्रताडि़त करने का आरोप लगाया था। उस मामले में भी एकेटीयू कुलपति ने एक कमेटी बनाकर मामले को ठण्डे बस्ते में डाल दिया। कॉलेज के जिम्मेदारों का पक्ष जानने के लिए इस नम्बर पर 9450618974 फोन किया गया, लेकिन फोन नहीं उठाया गया।

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