एकेटीयू की कार्यप्रणाली पर बैठक में उठाए गए सवाल

  • प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा की अध्यक्षता में आयोजित हुई बैठक

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम यूनिवर्सिटी से संबद्ध कॉलेजों ने यूनिवर्सिटी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हंै। प्राविधिक शिक्षा सचिव मोनिका गर्ग की अध्यक्षता में मंगलवार को सभी कॉलेजों की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें सभी संस्थाओं से आए लोगों ने यूनिवर्सिटी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा किया। बैठक में कई कॉलेज संचालकों ने बहस के साथ जमकर हंगामा किया।
कॉलेज संचालकों का कहना था कि अभी तक यूनिवर्सिटी में कई सेमेस्टर के रिजल्ट तक जारी नहीं किए गए हैं। वहीं काउंसिलिंग प्रक्रिया से हो रहे दाखिलों की स्थिति पर सवाल उठाया। वहीं समस्या का निराकरण करने के लिए कई अहम फैसले भी लिए गए,जिसमें यह तय किया गया कि वेबपोर्टल पर बनाकर समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। मीटिंग में लिए गए महत्वपूर्ण फैसलों के तहत विवि की वेबसाइट पर एक पोर्टल बनाया जाए, इस पोर्टल पर प्रदेश के सभी संस्थान अपने संस्थान के छात्रों द्वारा किए जा रहे नवाचारों, पेटेंट्स, वीडियो लेक्चर्स, उपकरणों, एवं रिसोर्सेस की जानकारी साझा करेंगे। छात्रों के कौशल विकास के लिए कॉलेजों में छोटे-छोटे स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम का संचालन किया जाए। संस्थान बीटेक, बीफार्म एवं बीआर्क के छात्रों की माइनर प्रोजेक्ट में भागीदारी को बढ़ावा दें। यूनिवर्सिटी वेबसाइट पर एक पोर्टल ग्रीवांस पोर्टल विकसित करेगा, जिसपर संस्थान एवं छात्र अपनी समस्याएं ऑनलाइन रजिस्टर कर सकेंगे। यूनिवर्सिटी के नए कैम्पस में कलाम मेमोरियल के साथ ही साथ डिजिटल लाइब्रेरी की भी स्थापना पर सहमति बनी है.
288 सरकारी कॉलेजों में नहीं हुए प्रवेश
एकेटीयू में पांचवें चरण की काउंसिलिंग की शुरूआत हो गई है। इसके बाद भी उसके कई बड़े सरकारी कॉलेजों की सीटें अभी तक नहीं भर पाई हैं। मंगलवार को अब तक की काउंसिलिंग के आधार पर हुए एडमिशन की स्थिति जारी कर दी है। इन आंकड़ों के हिसाब से आईईटी की करीब 40 प्रतिशत सीटें अभी तक खाली हैं। चार चरणों की काउंसिलिंग के बाद के दाखिले की स्थिति से जुड़े आंकड़े के आधार पर काउंसिलिंग के बाद 1.73 लाख में से करीब 16 हजार सीट पर दाखिले हुए हैं। इसमें राजधानी व प्रदेश के टॉप इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी), कमला नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, हारकोर्ट बटलर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी संस्थाओं की सीटें अब भी
खाली हैं।

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