एएलएस एम्बुलेंस पर लगा सिर्फ वीवीआईपी का टैग

  • सिविल अस्पताल में धूल फांक रही एक करोड़ की एम्बुलेंस, गरीबों को नहीं मिल पा रही सुविधा
  • सिविल अस्पताल में धूल फांक रही एक करोड़ की एम्बुलेंस, गरीबों को नहीं मिल पा रही सुविधा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। ये दो केस तो मात्र बानगी भर हैं राजधानी में रोजाना तमाम ऐसे हार्ट के भयंकर केसेज आते हैं कि थोड़ा भी विलंब होने से मरीज की मौत हो सकती है। जबकि सिविल अस्पताल में हृदय के गंभीर रोगियों के लिए एएलएस(एडवांस लाइफ सपोर्ट) एंबुलेंस की सुविधा मौजूद है। लेकिन यह एंबुलेंस मात्र वीवीआईपी लोगों के लिए हैं। जिसके चलते गरीबों को इसकी सुविधा नहीं मिल पा रही है।
करीब 1 करोड़ के बजट से खरीदी गई यह एंबुलेंस सिविल अस्पताल में धूल फांक रही हैं। सूत्रों की मानें तो यह मल्टी सुविधाओं से भरपूर एंबुलेंस ज्यादातर अस्पताल में ही खड़ी रहती है। सबसे बड़ी बात यह है कि इतने ज्यादा बजट और तमाम मल्टी सुविधाओं से भरपूर इस एंबुलेंस से जब आम लोगों को ही लाभ नहीं मिल पा रहा है तो फायदा क्या। बताते चलें कि हृदय से संबंधी समस्या होने वाले मरीजों के लिए समय बहुत महत्वपूर्ण होता है। इसके साथ ही एकदम से हार्टअटैक की समस्या होने पर रास्ते में अस्पताल तक लाने में यदि उन्हें थोड़ा प्राथमिक उपचार दिया जाये तो उनकी जान जाने का खतरा कम रहता है। ऐसे स्थिति में यह एंबुलेंस किसी फरिश्ते से कम नहीं।
सिविल अस्पताल में लगभग 1 करोड़ के बजट से मल्टी सुविधाओं से भरपूर एएलएस एंबुलेंस लाई गई थी। जो हृदय रोगियों के लिए किसी छोटे अस्पताल से कम नही है। इससे मरीज की शिफ्टिंग के दौरान वेंटीलेटर सपोर्ट के साथ हृदय रोग से संबंधी तमाम जांचें उपलब्ध है। एंबुलेंस में कार्डियक मॉनीटर के साथ सक्शन मशीन, ऑक्सीजन सिस्टम की सुविधायें उपलब्ध हैं। ऐसी तमाम मल्टी सुविधाओं के बावजूद आम आदमी को एएलएस एंबुलेंस की सुविधा मिलना मुश्किल है।
अब केजीएमयू और बलरामपुर में भी आयेगी एएलएस
सिविल अस्पताल और लोहिया में पहले से यह एंबुलेंस है। अब केजीएमयू और बलरामपुर अस्पताल में 32 लाख की लागत से हृदय रोगियों के लिए एएलएस एंबुलेंस की सुविधा प्रदान की जायेगी।

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