एएमयू में 1 साल में खर्च हुई करीब 25 करोड़ रुपए की बिजली

लेज के हॉस्टल में कूलर और एसी लगाने पर है पाबंदी

अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में एक साल में 24 करोड़ 17 लाख रुपए की बिजली खर्च की गई। इसका खुलासा आरटीआई द्वारा मांगे गए एक सवाल के जवाब में हुआ है। एएमयू में पिछले साल 2014-15 फाइनेंशियल ईयर में करीब 2 करोड़ 86 लाख यूनिट बिजली यूज की गई। इस आकड़े पर नजर डालें तो यूनिवर्सिटी को एक यूनिट बिजली के लिए करीब 9 रुपए चुकाने पड़ रहे हैं।
दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (ष्ठङ्कङ्कहृरु) यूपी में 21 जिलों को बिजली की सप्लाई करता है। अलीगढ़ भी इसी के अंतर्गत आता है। एएमयू के पीआर एडवाइजर डॉ. राहत अबरार ने बताया कि यूनिवर्सिटी में करीब 20 हजार स्टूडेंट्स हॉस्टल में रहते हैं। उसके लिए भी यूनिवर्सिटी कमर्शियल चार्ज के हिसाब से बिल देती है, जबकि आवासीय चार्ज लगना चाहिए। यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने इस संबंध में कई बार सीएम से मुलाकात की, लेकिन यूनिवर्सिटी को किसी तरह की कोई राहत राज्य सरकार से अब तक नहीं मिली है। इसके पहले फाइनेंशियल ईयर 2012-13 में एएमयू कैंपस में बिजली की खपत का आंकड़ा 16 करोड़ रुपए था। यह आकड़ा 2014-15 में बढक़र 25 करोड़ के करीब हो गया। इस तरह एक ही साल में बिजली के खर्च पर देनदारी में करीब 9 करोड़ की बढ़ोत्तरी हुई है। यही आंकड़ा 2015-16 में 15 मार्च 2016 तक 25 करोड़ के पार पहुंच चुका है।स्टूडेंट लीडर आफाक अहमद का मानना है कि एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक सहित कई जगह लगे अनगिनत एसी से बिजली का खर्च इतना अधिक पहुंच गया है। अब गर्मी बढऩे के साथ ही बिजली के खर्च का ये आंकड़ा बढ़ता ही जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर कॉलेज बिजली का बेहिसाब खर्च कर रही है तो स्टूडेंट को भी हॉस्टल में कूलर या एसी लगाने की इजाजद दे दी जानी चाहिए।

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