उर्दू की पढ़ाई में भी रोजगार के भरपूर अवसर: राज्यपाल

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। उर्दू शानदार भाषा है। उत्तर प्रदेश आने के बाद लगता है कि उर्दू विशिष्ट लोगों की नहीं आम आदमी की भाषा है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की नदियों को जोडऩे की योजना का जिक्र करते हुए राज्यपाल राम नाईक ने कहा नदी जोड़ो योजना जैसे सभी भारतीय भाषाओं को जोडक़र देश की एकता को मजबूत करने का काम करने की जरूरत है। उर्दू पढऩे वालों को भी रोजगार मिल सकता है, यह विश्वास उर्दू पढऩे वालों को दिलाने की जरूरत है। ये बातें राज्यपाल राम नाईक ने लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय उर्दू कांफ्रेंस में कही। इसका आयोजन लखनऊ विश्वविद्यालय के उर्दू विभाग तथा मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट आफ हयूमैनिटीज, साइंस एण्ड टेक्नोलॉजी, महमूदाबाद सीतापुर के किया था।
राज्यपाल ने कहा कि उर्दू को भाषण से नहीं रोजगार से जोडक़र आगे बढ़ाने का प्रयास करें। उर्दू के विकास के संबंध में यदि कोई मांग पत्र उन्हें प्राप्त होगा तो वे मुख्यमंत्री से निश्चित रूप से चर्चा करके जायज मांग पूरी कराने की कोशिश करेंगे। राज्य के 25 विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति की
हैसियत से वे आगामी कुलपति सम्मेलन में उर्दू के विकास के लिए कुलपतियों से चर्चा भी करेंगे।

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