उपभोक्ताओं को लूट रहा विद्युत विभाग

उपभोक्ताओं से खुले पैसे नहीं होने की आड़ में हो रहा बड़ा खेल

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। बिजली विभाग हर महीने हजारों उपभोक्ताओं को बिलिंग के दौरान जमा अतिरिक्त धनराशि समायोजित करने के नाम पर लूट रहा है। बिलिंग काउंटर पर तैनात कर्मचारी उपभोक्ताओं को समायोजन का झांसा देकर हर महीने अपनी जेबें भर रहे हैं। इसको लेकर हर महीने बिजली विभाग के कर्मचारियों और उपभोक्ताओं के बीच बिलिंग काउंटर पर नोक-झोंक होती है। लेकिन सब कुछ जानकर भी विभाग के जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को लूटने पर लगाम लगने की बजाय बिलिंग काउंटर पर तैनात कर्मचारियों की दबंगई और बढ़ती जा रही है।
राजधानी में उपभोक्ताओं की सहायता के लिए बने बिलिंग सेंटर मुसीबत का कारण बन रहे हैं। बिलिंग सेन्टर पर कार्यरत कर्मचारियों के मनमाने रवैये के चलते हर महीने हजारों उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं। उनकी समस्या सुनने वाला कोई नही है। बिलिंग कर्मचारियों ने खुद को बचाने की नीयत से बिलिंग सेन्टरों पर लिखे हेल्पलाइन नम्बर को भी दीवार से खुरच कर मिटा दिया है, जिससे उपभोक्ता अपना बिजली का बिल जमा करते समय होने वाली दिक्कतों की शिकायत भी नहीं कर पाते हैं। इसी वजह से बिजली विभाग के कर्मचारियों की दबंगई बढ़ती जा रही है। दरअसल ये सारा खेल विभाग के अधिकारियों की नाक के नीचे हो रहा है। इसके बावजूद लापरवाहों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। शहरी क्षेत्र के बिलिंग सेन्टरों पर उपभोक्ता और कर्मचारियों के बीच नोक-झोंक होना आम बात हो गयी है। लोग बताते हैं कि बिल जमा करते समय बिलिंग सेन्टर के कर्मचारी अक्सर खुला पैसा वापस नही करते है। उपभोक्ताओं के पूछने पर बताते हैं कि बकाया पैसा अगले महीने के बिल में जोड़ दिया जायेगा। इन्दिरा नगर सेक्टर-25 स्थित बिलिंग सेन्टर पर लिखा हेल्पलाइन नंबर मिटा दिया गया है। इसके साथ ही सेन्टर कितने बजे खुलता और बंद होता है। इसकी जानकारी भी उपभोक्ताओं को सुचारू रूप से नहीं मिल पाती है।
इंदिरानगर ए-ब्लाक निवासी उर्मिला देवी ने बताया कि भूतनाथ स्थित बिलिंग सेन्टर पर दो महीने पहले बिल जमा किया था। वहां खुला पैसा नहीं होने के चलते बिलिंग सेन्टर के कर्मचारी ने निर्धारित बिल से पचास रूपये अधिक जमा करवा लिया। इस संबंध में काउंटर पर तैनात कर्मचारी से पूछा गया तो उसने बताया कि खुला पैसा नहीं है, इसलिए अतिरिक्त जमा धनराशि अगले महीने के बिल में समायोजित कर लिया जायेगा। इसलिए पचास रूपये ज्यादा जमा किया गया। जब उन्होंने इस महीने का बिल जमा किया तो पिछले महीने जमा अतिरिक्त धनराशि यानी 50 रुपये का समायोजन नहीं हुआ। इस संबंध में पूछा तो बिलिंग काउंटर पर तैनात कर्मचारी ने पिछली बिल में जमा अतिरिक्त धनराशि का कोई भी लेखा-जोखा होने से इंकार कर दिया। उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिलिंग काउंटर पर तैनात कर्मचारी कभी भी पुराना हिसाब समायोजित नहीं करते हैं।

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