ई-सुविधा केंद्र बना उपभोक्ताओं के लिए मुसीबत

प्रतिदिन लोगों को होना पड़ता है परेशान
काउंटर पर उपभोक्ताओं व कर्मियों में होती है झड़प

Capture हिना खान
लखनऊ। जनता की समस्याओं देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने ई-सुविधा योजना की शुरुआत की थी लेकिन यह सुविधा अब लोगों के लिए असुविधा बन गई है। ई-सुविधा केन्द्र में सर्वर की समस्या खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है। सर्वर की समस्या तो आम बात है। रोज लोग केन्द्र पर पहुंचते हैं पर सर्वर की समस्या बताकर लोगों को टरका दिया जाता है। सर्वर की समस्या एक दो दिन की नहीं है। यह रोज की समस्या बन गई है।
ई-सुविधा की सबसे जानी मानी ब्रांच 1090 चौराहे पर है। यहां बिल जमा करने के लिए आने वाले लोगों को यही सुनना पड़ता है कि सर्वर खराब है। यहां बिल नहीं जमा हो पाएगा। सर्वर की समस्याएं सम्भवत: कुछ घण्टे व कुछ दिनों में खत्म हो जाती है लेकिन 1090 वाली ब्रांच पर एक महीने से ऊपर हो गया है मगर यहां का सर्वर ठीक नहीं हुआ है। जिम्मेदारों का कहना है कि हमने इसकी सूचना हेड ऑफिस को दी है। जल्द ही ठीक कर दिया जाएगा। यह समस्या केवल इसी ब्रांच की नहीं है बल्कि अधिकतर केंद्रों का यही हाल है जहां सर्वर की समस्याएं बनी रहती है और लोगों को विभागों में लाइन लगा कर बिलों का भुगतान करना पड़ता है। जनता की इन्हीं समस्याओं को देखते हुए राज्य सरकार ने ई-गवर्नेन्स के अन्तर्गत विभिन्न शासकीय विभागों के बिलों के भुगतान के लिए एक ही खिडक़ी पर कई बिलों का भुगतान करने के लिए ई-सुविधा प्रणाली मुहैया करायी थी। लखनऊ में अलग-अलग क्षेत्रों में 52 केंद्र व 120 काउन्टर मध्याचंल डिस्काम के लेसा बिजली बिल, गृहकर, जलकर, टेलीफोन व मोबाइल के बिल जमा करने के लिए बनाये गये हैं। वूमेन पॉवर लाइन चौराहे के निकट बने ई-सुविधा केंद्र को अहम इसलिए भी बताया गया कि इसकी शुरुआत मुख्यमंत्री के हाथों से 2013 में की गई थी। ई-सुविधा का संचालन करने वाले जिम्मेदार वूमेन पावर लाइन पर बनी इस ब्रांच के बारे में तारीफ करते नहीं थकते। एक महीने से ज्यादा समय हो गया है लेकिन सर्वर की दशा जस की तस है। नौकरी पेशा लोगों की समस्या यह है कि विभागों की लम्बी कतार में खड़े होने का उनके पास समय नहीं है। सर्वर की समस्या के कारण उनके बिल में विलम्ब शुल्क जुड़ता जा रहा है। ई-सुविधा कार्यालय पर बिल जमा करने आए उपभोक्ताओं और ई-सुविधकर्मियों में झड़प होती रहती है। इस कार्यालय के कर्मियों से सवाल करने पर एक ही जवाब मिलता है कि हेड ऑफिस को इसकी सूचना दे दी गई है जल्द ही इसे ठीक कराया जाएगा।

26 शासकीय सेवाएं
ई-गवर्नेस प्लान के अन्तर्गत 8 विभागों की 26 शासकीय सेवाओं एवं सी.एस.सी.-एस.पी.वी.संस्था की 44 व्यवसायिक सेवाओं को जोडक़र इससे उपभोक्ता की सेवा करने की योजना के तहत इसकी शुरुआत की गई थी। इतनी सेवाएं तो दूर लोगों के बिजली के बिल तक यहां जमा नहीं हो पाते हैं। लोग जाते हैं तो घंटों लाइन लगाने के बाद निराशा ही हाथ लगती है।

क्या कहते हैं अधिकारी
1090 पर पिछले 2 महीने से सर्वर डाऊन होने के मामले में जब जिम्मेदार अधिकारी हेमंत कुमार से बात की गई तो उन्होंने समस्या का विवरण सुनने के बाद निदान संबंधी जानकारी देने के बजाय पल्ला झाड़ लिया। उनका कहना था कि इसकी जानकारी हमारे पास नहीं है। आपको पूरी जानकारी उच्चाधिकारियों के माध्यम से मिलेगी। इसके बाद फोन काट दिया और दोबारा मिलाने पर फोन नॉट रिचबेल हो गया।
ई-सुविधा अब केवल नाम की रह गयी है। यहां के कर्मचारी केवल टरकाने का काम करते हैं और हम लोगों का समय नष्टï करते हैं। क्योंकि यहां जब मैं जाता हूं तो हमेशा कहते हैं कि सर्वर डाऊन है।
-जीतू चौधरी

मेरे बिजली के बिल में विलम्ब शुल्क बढ़ता जा रहा है। ई- सुविधा तो हमारे लिए पूरी तरह से असुविधा बन गई है। कहने को तो चौबीस घंटे सर्विस के लिए है लेकिन यहां की सर्विस हमेशा बंद रहती है।
-प्रवीन द्विवेदी

हम तकरीबन एक महीने से यहां के चक्कर लगा रहे हैं। हमें बिजली का बिल भरना था लेकिन जब यहां आते हैं तो इनका एक जब ही जवाब होता है कि सर्वर खराब है बिल बाद में जमा हो पाएगा।
-विवेक चौधरी

हमारे ऑफिस का समय ऐसा है कि लाइन में लगकर बिल जमा करने का समय नहीं रहता है। इस सुविधा के शुरू होने पर थोड़ी राहत हो गई थी लेकिन इनकी लापरवाही से काफी मुश्किलें उठानी पड़ती हैं और काम भी नहीं हो पाता।
-अश्विनी कुमार

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