इस्तांबुल में आतंकी हमला 39 की मौत, 40 घायल

सैंटा क्लॉज की ड्रेस में आए आतंकियों ने नाइट क्लब में जश्न मना रहे लोगों पर की गोलीबारी

पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की, आतंकी सीरिया को मत भूलो का लगा रहे थे नारा

captureइस्तांबुल। नववर्ष पर इस्तांबुल के नाइट क्लब में जश्न मना रहे लोगों पर सैंटा क्लॉज के वेश में आए बंदूकधारियों ने अंधाधुंध गोलीबारी की। जिसमें कम से कम 39 लोगों की मौत हो गई, जबकि 40 लोग घायल हो गए। तुर्की की दोजान सामाचार की रिपोर्ट के मुताबिक, इस्तांबुल के सबसे लोकप्रिय रेइना नाइट क्लब में सैंटा का वेश धरे दो बंदूकधारी घुसे और वहां नए साल का जश्न मना रहे लोगों पर गोलियां दागने लगे।
शहर के यूपोप से सटे बॉसफोरस इलाके में स्थित इस नाइट क्लब में मौजूद वासिप साहीन ने बताया कि कम से कम 39 लोगों की जान चली गई। इनमें से एक पुलिस अधिकारी था। वहीं इस हमले में घायल हुए 40 लोगों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा कि आज जो हुआ वह आतंकी हमला था। पुलिस ने इलाके को घेर रखा है। समाचार एजेंसी के मुताबिक, उस क्लब में कम से कम 700 लोग नए साल का जश्न मना रहे थे। समाचार चैनल के मुताबिक, इस हमले के बाद कई घबराये लोगों ने खुद को बचाने के लिए बॉसफोरस नदी में छलांग लगा दी और अभी उन्हें नदी से निकालने की कोशिशें जारी हैं।
गौरतलब है कि तुर्की पिछले कुछ दिनों के दौरान कई आतंकी हमलों का शिकार रहा है। इससे पहले राजधानी अंकारा में रूसी राजदूत एंड्रे कार्लोफ की गोली मार कर हत्या कर दी गई। वह एक आर्ट गैलरी में एक प्रदर्शनी में भाषण दे रहे थे, तभी दंगारोधी पुलिस के सदस्य 22 वर्षीय मेवलुत मेर्त एडिन्टास ने उन पर गोलियां दाग दीं। हमले के बाद बंदूकधारी नारे लगा रहे थे, अलेप्पो को मत भूलो, सीरिया को मत भूलो।

Pin It