इसे कहते हैं खबर का असर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
DR1लखनऊ। यकीन नहीं आता कि लखनऊ बेस्ड अखबार के वेब पेज पर एक दिन में साढ़े तीन लाख हिट लोग करेंगे। लेकिन यही सच है और यही हकीकत। 4 पीएम ने वह कर दिखाया जिसकी कल्पना करना मुश्किल था। 4पीएम की खबर ने लोगों को झिझोड़ कर रख दिया। लोग सोचने को मजबूर हो गये कि संविधान में सभी के हितों की रक्षा की कसम खाकर कर काम करने वाले जनप्रितिनिधि क्या किसी को ऐसे भी गलियां दे सकते हैं। हमने हिम्मत जुटा कर मंत्री के कारनामों को सामने रखा तो लोगों में होड़ सी लग गयी। लखनऊ से बहुत से अखबार छप रहे हैं, बहुत से न्यूज चैनल ऑन एयर हैं। लेकिन किसी खबर का इस प्रकार से असर होना पहली बार दिखायी दे रहा है। हमारी वेबसाइट 222.४श्चद्व.ष्श.द्बठ्ठ का डाटा बेस सभी के सामने है। साइट के वेबमास्टर रंजीत कहते हैं कि वह दर्जनों साइट चला रहे हैं लेकिन पहली बार किसी वेबसाइट पर इतने ज्यादा हिट होते देख वह भावुक हैं। आखिर ऐसा हो भी क्यों न, हमने अपना पत्रकारिता धर्म निभाते हुए खबर को ठीक उसी अंदाज में परोसा जैसी खबर थी। हमने तमाम प्रकार के दबाव को पीछे छोड़ते हुए डंके की चोट पर खबर को छापा। माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री पंडित सिंह द्वारा गोंडा के आकाश को फोन पर धमकाया गया। आकाश ने पंडित सिंह की लाल बत्ती उतरने वाली खबर को व्हाट्स एप पर शेयर किया था। उसके बाद से आकाश को धमकाया जा रहा था। आकाश की दुकान के सामने अवरोध खड़े कर उसके व्यापार को चौपट करने की भी साजिश मंत्री जी ने रच दी थी। लेकिन हम चट्टान की तरह सामने खड़े रहे और मंत्री के मंसूबों पर पानी फेर दिया। पंडित सिंह का इस्तीफा होगा या नही? पंडित सिंह जेल जाएगें या नहीं,उनके क्षेत्रवासियों पर जुल्म रूकेंगे या नहीं इसका जवाब राज्य सरकार देगी। हमारा जो काम था हमने किया और यह वायदा है कि आगे भी करते रहेंगे। क्योंकि हमें है जिद सच की।

काशी में तो मुंह की खा गयी टीम मोदी
-अनिल उपाध्याय
लखनऊ। बात पिछले साल की है। रोशनी से नहाते दशाश्वमेघ घाट पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हुंकार भरते हुए कहा था कि वे बाबा विश्वनाथ की इस नगरी में कुछ करने के लिए आये हैं। उन्होंने जब मां गंगा की सफाई और वाराणसी को दुनिया की आध्यात्मिक राजधानी बनाने की बात कही तो समूची काशी तालियों से गूंज गयी। आज मोदी सरकार और उसके मंत्री जब एक साल पूरा होने का जश्न मना रहे हैं तो काशी से वो जोश नदारद है जो एक साल पहले तक था। इसका कारण ये है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके मंत्रियों की फौज भी वाराणसी को वल्र्ड हेरिटेज सिटी का दर्जा दिलाने में कामयाब नहीं हो सके हैं। एक साला जश्न मना रही सरकार की ये बड़ी नाकामी है पर मोदी सरकार के मंत्री खुद की पीठ थपथपाने की होड़ में सरकार को ये कड़वी सच्चाई बताने से बच रहे हैं। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में मिला यह झटका मोदी सरकार की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाने के लिए काफी है। दरअसल यह मसला इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाता है कि इस पूरे मामले की कमान खुद प्रधानमंत्री संभाले थे और प्रधानमंत्री कार्यालय के आला अफसर इस मामले की मॉनिटरिंग कर रहे थे। ये मोदी सरकार के लिए एक बड़ा झटका है इसके लिए संस्कृति मंत्रालय के जिम्मेदार अफसर इस नाकामी का ठीकरा उत्तर प्रदेश सरकार पर फोड़ कर अपना दामन पाक साफ दिखाने में जुटे हैं।
सरकार अपनी पीठ खुद ही थपथपाते हुए अपना एक साल का रिपोर्ट कार्ड पेश कर रही है पर वाराणसी में यूनेस्को से मिले इस बड़े झटके का जिक्र संस्कृति मंत्री डॉ.महेश शर्मा ने कहीं नहीं किया है। सबको मालूम ही है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संसदीय क्षेत्र होने के नाते पूरी दुनिया की निगाहें ऐतिहासिक वाराणसी पर लगी हुयी हैं। खुद प्रधानमंत्री अपने संसदीय क्षेत्र की ब्रांडिग देश-विदेश में कर रहे हैं पर उनके मंत्री और भरोसेमंद अफसर भी वाराणसी को यूनेस्को के जरिए वल्र्ड हेरिटेज सिटी का दर्जा दिलवाने में कामयाब नहीं हो सके। अभी तक भारत में किसी शहर को यह दर्जा नहीं मिला है जबकि वल्र्ड हेरिटेज सिटी बनने के लिए वाराणसी तमाम मापदंड पूरे करता था। वाराणसी में तीन हजार छह सौ मंदिर हैं। इनमें कई को ऐतिहासिक और पुरातात्विक दृष्टि से अहम माना जाता है। काशी को भगवान विश्वनाथ की नगरी के रूप में भी जाना जाता है। इस धार्मिक शहर को वल्र्ड हेरिटेज सिटी का दर्जा दिलाने के लिए भारत सरकार ने 1990 में एक बार शुरुआती पहल की थी लेकिन आगे इसके लिए ज्यादा प्रयास नहीं किए गए। 2014 में केन्द्र में भाजपा सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संसदीय क्षेत्र होने के कारण वाराणसी दुनिया भर की निगाहों में आ गया था। इसके साथ ही वाराणसी की सूरत बदलने और इसे वल्र्ड हेरिटेज सिटी में शामिल करने में मोदी सरकार जुट गई थी। पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चुनाव क्षेत्र वाराणसी एक बार फिर यूनेस्को की समृद्ध विरासत वाले शहरों की लिस्ट में शामिल होने से चूक गया है।
यूपी सरकार की तरफ से भेजे गए दस्तावेज में शहर के कई पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी गई। वहीं उत्तर प्रदेश सरकार के अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने अपने स्तर के सारे काम समय से पूरे कर पूरा मसौदा दिल्ली भेज दिया था। इस मामले में संस्कृति मंत्रालय ने राज्य सरकार द्वारा भेजी गई ई-मेल का कोई जवाब नहीं दिया है।

जिम्मेदार हैं नौकरशाह
वैसे इस मामले में यूपी सरकार के नौकरशाह भी कम जिम्मेदार नहीं हैं। मुख्यमंत्री से सार्वजनिक रुप से शाबाशी पा चुके पर्यटन महानिदेशक अमृत अभिजात इस मामले में दो टूक कहते हैं कि ये मामला पयर्टन का नहीं बल्कि संस्कृति विभाग का है। संस्कृति ïिवभाग के विशेष सचिव राम विशाल मिश्र इस मामले में कहते हैं कि ये संस्कृति का नहीं बल्कि पर्यटन विभाग का मामला है। जाहिर है दोनों ही ïिवभाग के अधिकारी गेंद एक दूसरे के पाले में डालने में लगे हुए हैं। वहीं इस मामले में सबसे दिलचस्प टिप्पणी वाराणसी मंडल के मंडलायुक्त आरएम श्रीवास्तव की है। वो कहते हैं कि ऐसा कोई प्रस्ताव तैयार ही नहीं हुआ है। उनका कहना है कि वाराणसी को वल्र्ड हेरिटेज सिटी बनाने की कोई योजना यूनेस्को की है ही नहीं।
आज आयेगा ष्टक्चस्श्व का रिजल्ट
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ।सीनियर स्कूल सार्टिफिकेट एग्जामिनेशन की 10वीं बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट आज दोपहर 2 बजे जारी किया जाएगा। पहले रिजल्ट दोपहर 12 बजे जारी किया जाना था। सीबीएसई की साइट 222.ष्ड्ढह्यद्गह्म्द्गह्यह्वद्यह्ल.ठ्ठद्बष्.द्बठ्ठ पर बुधवार को रिजल्ट का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया था। बोर्ड इस बार मार्कशीट सार्टीफिकेट कापी के अलावा डिजिटल फार्मेट में भी देगा। इस साल 15 हजार 799 स्कूलों तेरह लाख से छात्रों ने दसवीं की परीक्षा दी है।

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