इलाहाबाद हाईकोर्ट और अधीनस्थ अदालतों के अंतरिम आदेश 14 जुलाई तक बढ़े

इलाहाबाद हाईकोर्ट और अधीनस्थ अदालतों के अंतरिम आदेश 14 जुलाई तक बढ़े

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाईकोर्ट सहित प्रदेश की अधीनस्थ अदालतों, अधिकरणों, न्यायिक संस्थाओं द्वारा पारित सभी अंतरिम आदेश जो इस दौरान समाप्त होने वाले हैंं उसे 14 जुलाई तक बढ़ा दिया है। इसी तरह जमानत के आदेश, ध्वस्तीकरण और बेदखली पर रोक के आदेश की भी अवधि 14 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। यह आदेश जस्टिस
शशिकान्त गुप्ता और जस्टिस वीसी दीक्षित की खंडपीठ ने स्वत: कायम जनहित याचिका पर दिया है।
कोर्ट ने 8 जून, 20 और 19 जून 20 को पारित आदेशों को आगे जारी रखने का आदेश दिया है। मालूम हो कि हाल ही में 13 जुलाई से इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुकदमों की वीसी से करने की व्यवस्था लागू की थी। वीसी से मुकदमा की बहस करने के लिए हाईकोर्ट के गेट नंबर तीन ए, तीन बी और पांच के अलावा हाईकोर्ट मैदान के पवेलियन में केबिन बनाए गए थे। कोर्ट ने कहा था कि केंद्र सरकार के अनलॉक में काफी छूट दी गई है। इसके बावजूद लिंक अदालतें और हॉट स्पॉट एरिया की अदालतों में काम नहीं हो पा रहा है। ऐसी स्थिति में इस अवधि में समाप्त होने वाले आदेश की अवधि बढ़ाई गई है। कोर्ट ने कहा था कि जो अंतरिम आदेश कोर्ट के अगले आदेश पर निर्भर है वे पहले की तरह यथावत रहेंगे। इस आदेश का उन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। याचिका की अगली सुनवाई 14 जुलाई को होगी।

दी गई थी ये सुविधा

हाईकोर्ट ने पहली बार वीसी से मुकदमों की सुनवाई के लिए ई -सेवा केंद्रों की सुविधा शुरु की थी। शहर अलग अलग इलाकों हिस्सों में स्थित ऐसे आठ ई- सेवा केंद्रों की सूची दी गई है। जहां वकील हाईकोर्ट आए बिना अपने घर के नजदीक स्थित ई-सेवा केंद्र से वीसी से मुकदमे में बहस कर सकेंगे। इसे ऑफ साइट सुविधा का नाम दिया गया है। इसके अलावा वकील पहले ही जारी अपने घर या ऑफिस से मोबाइल फोन, लैपटॉप या डेस्क टॉप के जरिए भी वीसी की सुविधा ले सकेंगे।

बाढ़ राहत में बेहतर काम करने वालों को मिलेगा पुरस्कार

सरकार ने जारी
की गाइडलाइन
१११ 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। यूपी में बारिश और नदियों के उफान को ध्यान में रखते हुए शासन ने बाढ़ प्रबंधन और प्रभावितों के लिए राहत कैंप व राहत सामग्री की विस्तृत गाइडलाइन जारी की हैं। बाढ़ प्रभावितों को दिए जाने वाले राहत सामग्री तथा अन्य सहायता व सहयोग को बिंदुवार बताया गया है। राहत कार्यों में कॉरपोरेट क्षेत्र तथा स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद भी ली जाएगी।
बाढ़ राहत में बेहतर कार्य करने वालों के लिए पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने बाढ़ प्रबंधन तथा प्रभावितों की मदद तथा राहत शिविरों के संबंध में विस्तृत गाइडलाइन मंडलायुक्तों तथा जिलाधिकारियों को भेजे हैं। प्रशासन के मुताबिक बाढ़ पीडि़तों को सुरक्षित राहत शिविरों में लाया जाएगा। ऐसे लोगों को अहेतुक सहायता के रूप में प्रति व्यस्क 60 रुपए और प्रति अव्यस्क 45 रुपए दिए जाएंगे। पशु कैंपों के लिए चारा, पशु संतुलित आहार के अतिरिक्त पानी और दवाओं को 30 दिन तक देने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ से प्रभावित प्रत्येक परिवार (औसत पांच व्यक्ति) के लिए खाद्यान तथा अन्य राहत सामग्री के रप में प्रति परिवार 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, 10 किलो आलू, पांच किलो लाई, दो किलो भूना चना, दो किलो अरहर की दाल, 500 ग्राम नमक, 250 ग्राम हल्दी, 250 ग्राम धनिया, पांच लीटर केरोसिन तेल, एक पैकेट मोमबत्ती, एक पैकेट माचिस, 10 पैकेट बिस्किट, एक लीटर रिफाइंड तेल, 100 टेबलेट क्लोरीन तथा दो नहाने का साबुन दिया जाएगा। यह
राहत सामग्री एक सप्ताह के लिए होगी।

https://www.youtube.com/watch?v=eamkwrX8PME&t=75s

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