इलाहाबाद से प्रियंका के साथ कांग्रेस देगी यूपी में चुनावी राजनीति को धार

  • इंदिरा के जन्मदिवस पर हो सकता है प्रियंका के राजनीतिक कॅरियर का आगाज

 ४पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। कांग्रेस पार्टी आगामी विधान सभा चुनाव में छवि सुधारने और उत्तर प्रदेश में अधिक से अधिक सीटें हासिल करने की तैयारी में अभी से जुट गई है। विधान सभा चुनाव २०१७ में पार्टी की तरफ से प्रियंका गांधी को मुख्यमंत्री पद का दावेदार बनाया जाना लगभग तय माना जा रहा है। इस बात की पार्टी हाईकमान की तरफ से मात्र आधिकारिक घोषणा होना शेष है। इसी वजह से प्रदेश में कांग्रेस की डूबती नैया को उबारने पहुंचे प्रशांत किशोर की सलाह पर प्रियंका में इंदिरा की छवि देखने वाले लोगों का वोट बैंक भुनाने की योजना पर काम शुरू हो गया है। पार्टी हाईकमान ने इलाहाबाद को एक बार फिर तरजीह देना शुरू कर दिया है। इसी वजह से सोनिया गांधी बार-बार इलाहाबाद का दौरा कर रही हैं। इसके अलावा पार्टी हाईकमान इंदिरा गांधी के जन्म दिन के अवसर पर इलाहाबाद में जन्म शताब्दी समारोह मनाने की तैयारी में जुट गई है। इससे कांग्रेस पार्टी की विधानसभा चुनाव को लेकर नीयत स्पष्ट होने लगी है।
कांग्रेस पार्टी के पास उत्तर प्रदेश में गांधी परिवार के अलावा एक भी ऐसा चेहरा नहीं है, जिसके भरोसे पार्टी उत्तर प्रदेश में अपनी साख बचा सके। इसीलिए पार्टी हाईकमान ने उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर प्रशांत किशोर को अपनी पार्टी के प्रचार-प्रसार की कमान सौंप दी है। दरअसल ऐसा उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की साख को बचाने के लिए किया गया है, क्योंकि प्रशांत किशोर ने इससे पूर्व लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी और बिहार विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार को सत्ता तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। इसलिए कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में अपनी डूबती नैया को पार लगाने की नीयत से प्रशांत किशोर को पार्टी के प्रचार-प्रसार की कमान सौंप दी है। इनकी सलाह पर अमल करना भी शुरू कर दिया है। पार्टी नेताओं और राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो प्रियंका गांधी को आगामी विधान सभा चुनाव में पार्टी का चेहरा बनाने के पीछे भी उन्ही की गणित है। इसके अलावा प्रियंका गांधी में इंदिरा गांधी की छवि देखने वाले लोगों और इलाहाबाद से जुड़े कांग्रेस और नेहरू परिवार के इतिहास को भी भुनाने की कोशिशें शुरू हो गई हैं। इसी मकसद से हाल के दिनों में सोनिया गांधी ने दो बार इलाहाबाद का दौरा किया। उन्होंने आनन्द भवन, स्वराज भवन और अपने पुस्तैनी मकान से जुड़े तमाम कागजातों और फाइलों को गंभीरता से देखा। इसके बाद इंदिरा गांधी के जन्म दिन यानी १९ नवंबर को इलाहाबाद में जन्म शताब्दी समारोह मनाने का निर्णय लिया गया। इसमें सबसे प्रमुख बात ये है कि वर्षों बाद प्रदेश में एक बार फिर कांग्रेस पार्टी इलाहाबाद को अपना राजनीतिक केन्द्र बनाने की तैयारी में है। इसलिए अब इंदिरा गांधी के जन्म शताब्दी समारोह यानी नवंबर २०१६ तक पार्टी की सारी गतिविधियों पर इलाहाबाद में बैठकर ही चर्चा की जायेगी। यहीं से प्रदेश के अन्य जिलों को भी दिशा-निर्देश दिये जायेंगे। जिनको गंभीरता से लेकर जमीनी स्तर पर काम किया जायेगा।
विजयी प्रत्याशियों को लेकर पार्टी मुख्यालय पर होगा ट्रायल
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी मुख्यालय पर आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर चर्चाओं और बैठकों का दौर जारी है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव मधुसूदन मिस्त्री, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष निर्मल खत्री, उत्तर प्रदेश महिला कांग्रेस कमेटी की प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह और प्रदेश के विभिन्न जिलों के पार्टी जिला अध्यक्षों और महानगर अध्यक्षों के साथ मिलकर महामंथन किया जायेगा। इसमें उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में अपनी दावेदारी पेश करने वाले पार्टी नेताओं के नाम पर चर्चा की जायेगी। इस बैठक को पार्टी की तरफ से विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों का नाम घोषित करने से पूर्व एक ट्रायल मीटिंग के रूप में देखा जा रहा है। इसका मकसद प्रदेश में अच्छी छवि रखने और पार्टी को जीत दिलाने वाले नेताओं को टिकट दिलाना है।
पार्टी से मिलने वाला फंड भी बड़ी वजह
विधानसभा चुनाव २०१७ में कांग्रेस पार्टी की तरफ से चुनाव लडऩे की दावेदारी करने वाले नेताओं की संख्या बहुत अधिक है। इन नेताओं ने पार्टी का टिकट हासिल करने को लेकर एड़ी चोटी का जोर लगा दिया है। इसमें बहुत से ऐसे नेता भी शामिल हैं, जिनकी जीत को लेकर संबंधित जिले के पार्टी अध्यक्ष ही निश्चित नहीं है। इसके बाद भी नेता अपनी-अपनी गोटियां सेट करने में जुटे हुए हैं। दरअसल देश की बड़ी राजनीतिक पार्टियों में केवल कांग्रेस ही एक मात्र पार्टी है, जो अपनी पार्टी की तरफ से चुनाव लडऩे वाले उम्मीदवारों को चुनाव खर्च के रूप में २० लाख रुपये देती है। इस वजह से भी बहुत से नेता पार्टी की तरफ से उम्मीदवार बनने को लेकर लालायित हैं।

पार्टी हाईकमान की तरफ से इलाहाबाद में १९ नवंबर को इंदिरा गांधी का जन्म शताब्दी समारोह मनाने का निर्णय लिया गया है। इस अवसर पर इलाहाबाद में भव्य आयोजन किया जायेगा। जन्म शताब्दी समारोह की तैयारियों के दौरान इलाहाबाद को ही केन्द्र बनाया गया है। इसीलिए पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी जन्म शताब्दी समारोह की तैयारियों का जायजा लेने पहुंची थीं। इससे पूर्व वह रायबरेली आगमन के दौरान भी इलाहाबाद गईं थीं। दरअसल इलाहाबाद उनका घर है। इसलिए वह कभी भी वहां आ जा सकती हैं। फिलहाल पार्टी की तरफ से विधानसभा चुनाव को लेकर भी तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसलिए भी सोनिया गांधी के हर दौरे को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
-सत्यदेव त्रिपाठी, प्रवक्ता, कांग्रेस

Pin It