इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की पहली महिला छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह सपा में शामिल

कन्हैया के बयान का समर्थन करने से पैदा हुआ एडमिशन पर विवाद

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। इलाहाबाद विश्वविद्यालय की छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह ने आज समाजवादी पार्टी ज्वाइन कर लिया। आजादी के बाद वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय की पहली महिला अध्यक्ष बनी हैं। ऋचा ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय का छात्रसंघ का चुनाव निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीता था। लेकिन उन्हें समाजवादी पार्टी का समर्थन हासिल था। चुनाव जीतने के बाद से ही उनका झुकाव समाजवादी पार्टी की तरफ रहा है। ऐसे में उन्होंने आज पूरी तौर पर समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली।
ऋचा सिंह पिछले दिनों इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति एके हांगलू और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के खिलाफ मोर्चा खोलकर सुर्खियों में आईं थी। ऋचा ने विश्वविद्यालय में हो रही अनियमितताओं के खिलाफ आवाज बुलंद की थी। इतना ही नहीं उन्होंने बीजेपी सांसद योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम का भी विरोध किया था।
गौरतलब है कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अध्यक्ष पद को छोडक़र सभी पद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के पास हैं। योगी के विरोध के बाद से ऋचा एबीवीपी के निशाने पर रही हैं। इतना ही नहीं ऋचा ने और कुलपति के ऊपर रोहित वेमुला की तर्ज पर मानसिक उत्पीडऩ का भी आरोप लगाया था। ऋचा रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार से सम्मानित होने वालों की सूची में भी रही हैं। ऐसे में वे समाजवादी पार्टी के साथ अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत करने जा रही हैं।

कन्हैया के समर्थन में आई थी छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा

बीते दिनों जेएनयू के छात्रसंघ कन्हैया कुमार के केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने और विश्वविद्यालय छात्र संघ नेताओं ने एकीकृत संघर्ष के मुद्दे पर इलाहाबाद छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह कन्हैया के समर्थन में आई थीं। जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने इस लड़ाई को संघिस्तान बनाम हिंदुस्तान की लड़ाई करार दिया था। ऋचा ने कन्हैया के समर्थन में कहा कि वैचारिक मतभेदों के बाद भी साथ आने की जरूरत है।

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